एक सप्ताह का कहकर 8 माह से गायब मुजफ्फरपुर का पंचायत रोजगार सेवक, जमीन फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड
Panchayat Rojgar Sevak Fraud: मुजफ्फरपुर में जमीन धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड पंचायत रोजगार सेवक कृष्णनंदन पासवान आठ माह से अधिक समय ...और पढ़ें

उसने एक बार भी कार्यालय को सूचना दी न अधिकारियों को बताया। (AI Generated Image)
HighLights
रोजगार सेवक कृष्णनंदन पासवान आठ माह से ड्यूटी से गायब।
जमीन फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड, वैशाली में हुआ गिरफ्तार।
सेवानिवृत्त अधिकारी की जमीन हड़पने का भी आरोप।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Land Fraud Mastermind Muzaffarpur: फर्जी तरीके से जमीन के दस्तावेज तैयार कराकर खरीद-बिक्री करने के मास्टरमाइंड रोजगार सेवक कृष्णनंदन पासवान आठ माह से अधिक से ड्यूटी से गायब है। इस दौरान उसने एक बार भी कार्यालय को सूचना दी न अधिकारियों को बताया।
कई बार पूछा स्पष्टीकरण
बोचहां के कार्यक्रम पदाधिकारी ने कई बार उनसे संपर्क भी करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद पत्राचार कर स्पष्टीकरण पूछा गया। इसका भी जवाब नहीं मिला।
सेवा समाप्त करने की तैयारी
कई बार स्पष्टीकरण का जब जवाब नहीं मिला तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने की अनुशंसा की गई। ग्रामीण विकास विभाग ने इसपर स्वीकृति प्रदान कर दी।
वैशाली में गिरफ्तार
इस बीच वह वैशाली में फर्जी तरीके से जमीन खरीद-बिक्री के मामले में गिरफ्तार होकर जेल चला गया। लगातार अनुपस्थित रहने की स्थिति में अब उसकी सेवा समाप्त करने की तैयारी चल रही है।
दर्ज हैं कई मामले
इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग से जिलास्तरीय पदाधिकारी के द्वारा अनुशंसा की जाएगी। क्योंकि कृष्णनंदन का आचरण शुरू से संदिग्ध था। उसके विरुद्ध फर्जीवाड़ा के कई मामले वैशाली और मुजफ्फरपुर के थानों में दर्ज हैं।
सेवानिवृत अधिकारी की जमीन हड़पी
अभी हाल में अहियापुर थाना में उसके विरुद्ध प्राथमिकी हुई थी। इसमें मुशहरी के तत्कालीन सीओ महेंद्र प्रसाद शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण करण के साथ मिलकर उसने सेवानिवृत अवर सचिव की जमीन का धोखा से रजिस्ट्री करा लिया था।
रिमांड पर लेगी पुलिस
इस मामले में अब अहियापुर पुलिस कृष्णनंदन को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। विभाग से जुड़े पदाधिकारियों की मानें तो रोजगार सेवक पद पर होने के बाद भी वह कभी विभागीय कामकाज में रुचि नहीं लेता था।
अंचल कार्यालय से साठगांठ
अंचल कार्यालय और इससे कर्मियों से उसकी अच्छी साठगांठ थी। वह जमीन से जुड़े मामले में अधिक रुचि लेता था। इसलिए वह अक्सर पंचायत में नहीं जाकर अंचल कार्यालयों के ही चक्कर काटता था।
इसी की बदौलत उसने मुजफ्फरपुर और वैशाली में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर अवैध तरीके से कई भूखंडों की खरीद-बिक्री की।
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कृष्णनंदन पासवान पिछले कई माह से अनुपस्थित है। उसके विरुद्ध बहुत पहले ही विभागीय कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई थी। उसकी संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए अब वरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमित कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वीबी जीरामजी
