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मधेपुरा में जमीन फर्जीवाड़ा: 1 साल तक पुलिस की सुस्ती? अब कोर्ट की सख्ती पर पूर्व DCLR और 2 CO समेत 7 पर FIR

Published: Wed, 19 Aug 2026 02:13 PM (IST)

उदाकिशुनगंज के तत्कालीन भूमि सुधार उपसमाहर्ता आमिर अहमद सहित सात लोगों पर जमीन विवाद में पद के दुरुपयोग का मामला ...और पढ़ें

पूर्व डीसीएलआर और दो सीओ समेत सात पर केस दर्ज

पूर्व डीसीएलआर और दो सीओ समेत सात पर केस दर्ज

HighLights

  1. उदाकिशुनगंज के पूर्व डीसीआरएल समेत सात पर केस।

  2. जमीन विवाद में पद के दुरुपयोग का आरोप।

  3. कोर्ट के आदेश पर एक साल बाद हुई कार्रवाई।

संवाद सूत्र, उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)। उदाकिशुनगंज के तत्कालीन भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीआरएल) आमिर अहमद सहित सात लोगों के खिलाफ फुलौत थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस ने इसे दर्ज करने में एक साल का लंबा वक्त लिया, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

यह मामला जमीन से संबंधित विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसमें तत्कालीन भूमि उपसमाहर्ता पर पद का दुरूपयोग करते हुए गलत फैसला सुनाने का आरोप लगाया गया है।

वर्तमान में आमिर अहमद बेगूसराय में उप समाहर्ता (जिला स्थापना) हैं, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया है और उन्होंने वर्तमान भूमि सुधार उपसमाहर्ता से बात करने की बात कही।

इस मामले में चौसा के तत्कालीन सीओ आशुतोष कुमार, राकेश कुमार सिंह, तत्कालीन हल्का कर्मचारी सह राजस्व अधिकारी दयानंद पंडित और फुलौत पश्चिमी निवासी अजीत पासवान व रणवीर कुमार उर्फ मंटू यादव, फुलौत के झंडापुर टोला निवासी गुरेश मेहता को भी आरोपित किया गया है।

राकेश कुमार सिंह इन दिनों पटना के बिहटा के अंचलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। पूर्व सीओ आशुतोष कुमार और हल्का कर्मचारी दयानंद पंडित सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

फुलौत पूर्वी वार्ड संख्या पांच के बाबूलाल साह के पुत्र बासुदेव साह ने उदाकिशुनगंज अनुमंडल व्यवहार न्यायालय में सात अगस्त 2025 को परिवाद दायर किया था। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए 23 अगस्त 2025 को फुलौत थाना को मामला दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन उस समय पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अब जाकर 12 अगस्त 2026 को फुलौत थाना में कांड संख्या 51/26 दर्ज किया गया।

परिवादी के अधिवक्ता मंजीत कुमार ने बताया कि मामला पदाधिकारी से जुड़े होने के कारण वरीय पदाधिकारियों ने आरोपितों को बचाने की कोशिश की। हालांकि, परिवादी ने हिम्मत नहीं हारी।

कोर्ट के आदेश के बाद भी मामला दर्ज नहीं होने पर उन्होंने पटना उच्च न्यायालय और जिला पदाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक मधेपुरा को आवेदन दिया। जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने एसपी से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी, जिसके बाद मामला दर्ज हो पाया।

यह मामला चौसा अंचल अंतर्गत फुलौत मौजा के 37 डीसमील जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। परिवादी बासुदेव साह ने बताया कि यह जमीन उनके पिता बाबुलाल साह और अन्य फरीकेन के नाम से दर्ज है और न तो उन्होंने और न ही उनके वंशजों ने कभी इस जमीन का बिक्री किया। फिर भी आरोपित अजीत पासवान ने जमीन हड़पने की नियत से फर्जी तरीके से इसका निबंधन करा लिया।

अजीत पासवान के नामांतरण वाद के सिलसिले में मूल दस्तावेज का अवलोकन किए बिना तत्कालीन सीओ और हल्का कर्मचारी ने दाखिल खारिज कर दिया। परिवादी का आरोप है कि व्यक्ति विशेष के प्रभाव में आकर गलत तरीके से आरोपित के नाम से जमीन हस्तांतरित कर दी गई।

परिवादी का दावा है कि उनके पिता या अन्य कोई फरीकेन द्वारा जमीन निबंधित नहीं किया गया है। जब उन्हें जमीन बिक्री होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने अंचल कार्यालय से संपर्क किया, लेकिन हल्का कर्मचारी और सीओ ने उनकी आपत्ति को सुनने से मना कर दिया।

इसके बाद, परिवादी ने आरोपित के नामांतरण स्वीकृति के खिलाफ भूमि सुधार उपसमाहर्ता के पास 8 जुलाई 2020 को अपील दायर की, जिसका वाद संख्या 11/20-21 था।

भूमि सुधार उपसमाहर्ता ने 14 जुलाई 2020 को पक्ष भी सुना, लेकिन आरोपित अजीत पासवान के प्रभाव में आकर अधिकारी ने मूल दस्तावेज का अवलोकन नहीं किया। अंततः 17 मई 2025 को भूमि सुधार उपसमाहर्ता ने वाद को खारिज कर दिया। इस मामले में अधिकारी पर कर्तव्य का सही से पालन नहीं करने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।

परिवादी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने थाना और अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उनकी फरियाद को नजरअंदाज किया गया। थक हार कर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया।

यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस संबंध में उदाकिशुनगंज के वर्तमान डीसीआरएल से बात कर ली जाए, वही बता सकते हैं। - आमिर अहमद, तत्कालीन डीसीआरएल, उदाकिशुनगंज

कोर्ट के आदेश पर उदाकिशुनगंज के पूर्व डीसीआरएल व चौसा के दो पूर्व सीओ समेत सात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच प्रक्रिया जारी है। - वरुण कुमार शर्मा, थानाध्यक्ष, फुलौत