मुजफ्फरपुर के नए हाईवे पर एआई रखेगी नजर, बिना रुके कटेगा टोल, NHAI के 5 नए मानक
High Speed National Highways : मुजफ्फरपुर से गुजरने वाले नए नेशनल हाईवे अब हाईटेक होंगे, जिनमें एआई तकनीक से सड़क ...और पढ़ें

AI Road Construction : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
नए हाईवे पर एआई तकनीक से सड़क की गुणवत्ता निगरानी।
टोल प्लाजा पर बिना रुके 'मल्टी लेन फ्री फ्लो' टोल भुगतान।
बेहतर योजना, हरियाली, जलनिकासी NHAI के पांच प्रमुख मानक।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । Multi Lane Free Flow Toll : हाई स्पीड नेशनल हाईवे का सफर अब और सुगम, सुरक्षित व हरियाली से भरा होगा। एनएचएआई ने इसे लेकर पांच मानक तय किए हैं।
अब बनने वाले सभी फोरलेन व ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर लागू होगा। इसके तहत सिर्फ प्रस्तावित हाईवे पर ट्रैफिक सर्वे नहीं होगा, बल्कि इसके बगल से गुजरने वाली सड़क व आसपास की फैक्ट्रियों में आने वाले मालवाहक वाहनों का भी आकलन होगा। इसके अलावा अगले 10 साल को ध्यान में रखकर ट्रैफिक का आकलन तैयार किया जाएगा।
वर्तमान में मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाले रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन व मधौल से बखरी तक रिंग रोड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।
ये सड़कें अब इसी मानक व तकनीक पर बनाई जाएंगी। एनएचएआइ की ओर से सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इससे अवगत कराते हुए अनुपालन कराने को कहा गया है।
पांच मानकों में बेहतर योजना, आधुनिक तकनीक, सुगम टोल व्यवस्था, सुदृढ जलनिकासी व अधिक हरियाली शामिल है। निर्माण में गुणवत्ता के लिए एआइ तकनीक व थ्री डी पेवर्स का इस्तेमाल होगा।
एआई से सड़क बनाई जाएगी और निगरानी भी होगी। इससे ठेकेदारों की मनमानी पर भी रोक लगेगी। सिर्फ एजेंसी की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। एआइ का इसमें प्रमुख महत्व होगा।
टोल को लेकर बड़ा बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव टोल को लेकर किया गया है। सरकार की योजना के अनुसार अब टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। 'मल्टी लेन फ्री फ्लो' प्रणाली लागू होगी, जिसमें फास्ट टैग से चलते-चलते ही टोल कट जाएगा। इसमें वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा।
जाम से छुटकारा मिलेगा। हाईवे के चारों तरफ स्थानीय जलवायु के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। फ्लाईओवर के नीचे व डिवाइडर पर भी हरियाली होगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जलनिकासी का पूरा प्लान डीपीआर में ही देना होगा। अंडरपास, फ्लाईओवर के नीचे पानी जमा न हो, इसके लिए जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा नए हाईवे में लैंडस्केपिंग योजना का अभिन्न हिस्सा होगी।
