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मुजफ्फरपुर के गोलू हत्याकांड में SSP को नोटिस, मानवाधिकार आयोग ने 8 सप्ताह में मांगा जवाब

By Sanjiv KumarEdited By: Ajit kumar
Published: Sat, 31 Oct 2026 06:02 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के गोलू हत्याकांड में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह में जवाब मांगा ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर एसएसपी

मुजफ्फरपुर एसएसपी

HighLights

  1. गोलू हत्याकांड में मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी को नोटिस भेजा।

  2. आयोग ने एसएसपी से आठ सप्ताह में जवाब तलब किया।

  3. स्वजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए, निष्पक्षता की मांग।

संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Golu Murder Case: मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के सुंदर खौली निवासी प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू की हत्या के मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरपुर एसएसपी को नोटिस जारी किया है।

आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए एसएसपी से आठ सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई चार फरवरी को होगी।

स्वजन ने दायर की याचिका

विदित हो कि सात अगस्त को सुंदर खौली निवासी विपिन कुमार ठाकुर के पुत्र प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू की हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में औराई थाना में कांड दर्ज कराया गया था।

मृतक के स्वजन ने मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस पर मिलीभगत का आरोप

स्वजन का आरोप है कि मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही निराश करने वाला रहा और घटना को दबाने का प्रयास किया गया।

उनका यह भी आरोप है कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया गया तथा साक्ष्यों को इस तरह प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया, जिससे पूरी घटना हादसा प्रतीत हो। स्वजन ने मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

जांच पर उठाए सवाल

शिकायत में मृतक के स्वजन ने पुलिस की अब तक की जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने मामले में पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच और वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की। शिकायत के बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले की सुनवाई की।

आठ सप्ताह में मांगा जवाब

आयोग ने सुनवाई के दौरान मुजफ्फरपुर एसएसपी को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने आयोग के इस कदम की सराहना की है।

उन्होंने कहा कि आयोग की कार्रवाई से पुलिस पर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा और मामले की सत्यता भी सामने आएगी।

चार फरवरी को सुनवाई

मानवाधिकार अधिवक्ता के अनुसार आयोग में मामले की अगली सुनवाई चार फरवरी को निर्धारित है। अब पुलिस की ओर से आयोग को दिए जाने वाले जवाब पर मामले की आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

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