मुजफ्फरपुर में गैस संकट, होटल, मिठाई दुकानों में अब डीजल भट्ठी का सहारा
मुजफ्फरपुर में गैस संकट के कारण होटल और मिठाई की दुकानों ने अब डीजल भट्ठियों का उपयोग करना शुरू कर ...और पढ़ें

गैस नहीं मिलने पर कानपुर से मंगवाए गए डीजल की भट्ठी से, होटलों में बन रहे व्यंजन। जागरण
HighLights
मुजफ्फरपुर में गैस संकट से होटल-मिठाई दुकानें प्रभावित।
वाणिज्यिक गैस की जगह डीजल भट्ठियों का उपयोग।
लागत बढ़ी, सुरक्षा चिंताएं और उत्पादन में बाधा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर में गैस संकट ने अब होटलों और मिठाई दुकानों की रसोई का रंग ही बदल दिया है। जहां पहले चूल्हों पर गैस की नीली लौ जलती थी, वहीं अब डीजल भट्ठियों की कड़क आवाज और धुएं के बीच पकवान तैयार हो रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि स्वाद और कारोबार बचाने के लिए दुकानदारों को इस अस्थायी जुगाड़ का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि ग्राहकों को भी बदले माहौल का असर साफ महसूस हो रहा है।
कमर्शियल गैस सिलिंडर से रोक नहीं हटने के कारण होटल, रेस्टोरेंट व मिष्ठान दुकानदारों की लागत बढ़ गई है। होटल चलाने के लिए अब संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाई है।
जिले के कई होटलों व मिठाई दुकानों में पत्थर कोयला, लकड़ी कोयला के साथ अब डीजल से चलने वाली भट्ठी का भी प्रयोग शुरू कर दिया है। यह डीजल भट्ठी गैस की तरह ही नियंत्रित लौ देती है, जिससे खाना व मिष्ठान तैयार करने में आसानी होती है।
संचालकों का कहना है कि कमर्शियल गैस की तुलना में इसका खर्च अधिक पड़ रहा है, लेकिन मजबूरी में मंगवाना पड़ा है। हालांकि मुजफ्फरपुर सहित पटना के आसपास के इलाकों में यह डीजल भट्ठी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई नहीं होने से होटल संचालक इसे कानपुर से मंगवा रहे हैं।
एक भट्ठी की कीमत करीब 38 से 40 हजार रुपये बताई जा रही। होटल व्यवसायियों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से मजबूरी में इस विकल्प को अपनाना पड़ रहा है।
वहीं कुछ संचालकों ने बताया डीजल भट्ठी से लगातार उत्पादन करना आसान नहीं है। ग्राहकों को समय पर नाश्ता व मिठाई सहित अन्य सामग्री नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं।
दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल भट्ठी के प्रयोग में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना जरूरी है। उचित वेंटिलेशन व सुरक्षित इंस्टालेशन के बिना इसके उपयोग से खतरा हो सकता है।
