बिहार में अब मछली ही नहीं, झींगा और मोती भी पालेंगे किसान, सरकार देगी अनुदान
मुजफ्फरपुर में अब किसान मछली पालन के साथ झींगा और मोती पालन से भी अपनी आय बढ़ा सकेंगे। जिला मत्स्य ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)
HighLights
11 किसानों का झींगा और मोती पालन के लिए चयन।
विभाग द्वारा 60% अनुदान और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण।
वैशाली के विशेषज्ञ देंगे तालाब प्रबंधन और विपणन की जानकारी।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। अब किसानों की कमाई सिर्फ मछली पालन तक सीमित नहीं रहेगी। तालाब और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर किसान झींगा और मोती पालन से भी अच्छी आमदनी कर सकेंगे। इसके लिए जिला मत्स्य विभाग ने पहल शुरू कर दी है।
पहले चरण में जिले के 11 किसानों का चयन किया गया है। इनमें सात किसान झींगा पालन और चार किसान मोती पालन करेंगे। विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ योजना के तहत 60 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जाएगा।
सात किसान शुरू करेंगे झींगा पालन
जिला मत्स्य पदाधिकारी रंधीर कुमार ने बताया कि पहले चरण में सात किसानों का चयन झींगा पालन के लिए किया गया है। झींगा पालन के लिए करीब 11 कट्ठा भूमि की आवश्यकता होगी। एक यूनिट स्थापित करने में करीब 1.10 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें सरकार की ओर से 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शेष राशि लाभार्थी किसान को स्वयं वहन करनी होगी।
चार किसान तालाब में तैयार करेंगे मोती
मोती पालन के लिए चार किसानों का चयन किया गया है। एक यूनिट की लागत करीब 2.22 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस योजना में भी किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। तालाब में वैज्ञानिक पद्धति से सीप तैयार कर उनमें मोती विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को पारंपरिक मत्स्य पालन की तुलना में अधिक आय मिलने की संभावना है।
वैशाली से आएंगे विशेषज्ञ प्रशिक्षक
चयनित किसानों को उत्पादन शुरू करने से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए वैशाली जिले से विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को बुलाया जाएगा। प्रशिक्षण जिला मत्स्य कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को झींगा और मोती पालन की आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाएगी।
तालाब प्रबंधन से लेकर बाजार तक की मिलेगी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को तालाब प्रबंधन, पानी की गुणवत्ता बनाए रखने, रोग नियंत्रण, उत्पादन बढ़ाने और तैयार उत्पाद के विपणन की जानकारी दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक से जोड़कर मत्स्य क्षेत्र में आय के नए अवसर उपलब्ध कराना है। सफल प्रयोग के बाद जिले में झींगा और मोती पालन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की योजना बनाई जा सकती है।
