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मुजफ्फरपुर में खाली फार्मों पर मुहर लगा दे दिया डीजल अनुदान, कटरा कृषि समन्वयक निलंबित

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:24 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में डीजल अनुदान योजना में अनियमितता सामने आई है, जहां कटरा के कृषि समन्वयक शशि भूषण कुमार को खाली ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. कटरा कृषि समन्वयक खाली फार्मों पर मुहर लगाने पर निलंबित।

  2. डीजल अनुदान योजना में अनियमितता का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल।

  3. जाँच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, विभाग ने की कार्रवाई।

अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। डीजल अनुदान पाने के लिए किसानों से आवेदन और घोषणा पत्र भरवाने के बजाय खाली फार्मों पर ही मुहर और हस्ताक्षर करने का मामला सामने आया है।

कटरा प्रखंड की धनौर पंचायत में खरीफ डीजल अनुदान योजना में नियमों की अनदेखी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया।

जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि होने पर जिला कृषि पदाधिकारी ने कटरा के कृषि समन्वयक शशि भूषण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

खाली फार्मों पर लगा दी मुहर

विभागीय जांच में सामने आया कि धनौर पंचायत भवन में किसानों का विवरण दर्ज किए बिना ही डीजल अनुदान के आवेदन और घोषणा पत्रों पर हस्ताक्षर व मुहर लगा दी गई। नियमानुसार आवेदन की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद ही कृषि समन्वयक को आगे की प्रक्रिया पूरी करनी थी। आरोप है कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

वीडियो सामने आने के बाद जांच

पूरे मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद कृषि विभाग ने संज्ञान लिया। अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में बिना भौतिक सत्यापन के आवेदन पत्रों पर हस्ताक्षर और मुहर लगाने की बात प्रथम दृष्टया सही पाई गई। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की।

हथियार दिखाने की कहानी पर सवाल

कार्रवाई से पहले कृषि समन्वयक से स्पष्टीकरण मांगा गया। अपने बचाव में उन्होंने दावा किया कि चार-पांच स्थानीय युवकों ने हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनसे जबरन खाली आवेदनों पर हस्ताक्षर करा लिए।

जिला कृषि पदाधिकारी ने इस दावे को मनगढ़ंत बताया। जांच के दौरान सवाल उठाया गया कि यदि वास्तव में हथियार के बल पर हस्ताक्षर कराए गए थे तो इसकी तत्काल लिखित शिकायत वरीय अधिकारियों या स्थानीय थाने में क्यों नहीं की गई।

स्थल निरीक्षण था अनिवार्य

विभागीय नियमों के अनुसार गैर-रैयत किसानों के आवेदनों का जनप्रतिनिधि से सत्यापन कराने के बाद कृषि समन्वयक को स्थल निरीक्षण करना था। इसके बाद ही आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जानी थी। विभाग ने प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन की पुष्टि के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है।

मड़वन कृषि कार्यालय में रहेगा मुख्यालय

निलंबन अवधि में शशि भूषण कुमार का मुख्यालय प्रखंड कृषि कार्यालय, मड़वन निर्धारित किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं में अनियमितता या गैरकानूनी गतिविधि करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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