मुजफ्फरपुर जेल में डीएम एसएसपी का छापा, 150 से अधिक जवानों ने खंगाले संवेदनशील वार्ड
मुजफ्फरपुर की शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार में डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में 150 से अधिक जवानों ने औचक ...और पढ़ें

जिलाधिकारी गौरव कुमार और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में जिला प्रशासन और पुलिस की टीम जांच करने जेल पहुंची।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार में शुक्रवार की सुबह डीएम-एसएसपी के नेतृत्व में 150 से अधिक जवानों के साथ औचक छापेमारी की गई।
सुबह 3:45 बजे जिलाधिकारी गौरव कुमार और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में जिला प्रशासन और पुलिस की टीम जेल पहुंची।
करीब ढाई घंटे तक चले अभियान में कैदियों की बैरकों से लेकर संवेदनशील वार्ड, अस्पताल और रसोईघर तक की तलाशी ली गई।
संवेदनशील वार्डों की जांच
जांच के दौरान जेल के अलग-अलग हिस्सों को खंगाला गया और कैदियों की बैरकों की भी तलाशी ली गई। जेल अस्पताल और रसोईघर में भी गहन जांच की गई।
कार्रवाई के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे और जेल अधीक्षक यूसुफ रिजवान ने प्रशासनिक टीम को सहयोग किया।
प्रतिबंधित सामान नहीं मिला
छापेमारी का उद्देश्य जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री या किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाना था। हालांकि, व्यापक तलाशी के बाद जेल परिसर से कोई प्रतिबंधित या आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
डीएम गौरव कुमार ने बताया कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था की जांच और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह औचक छापेमारी की गई।
आगे भी जारी रहेगी जांच
डीएम ने कहा कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए समय-समय पर इस तरह की जांच की जाती है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी जारी रहेंगे, ताकि जेल परिसर में सुरक्षा और अनुशासन से किसी तरह का समझौता न हो।
150 से अधिक जवान तैनात
अभियान में सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, एएसपी, एसडीएम, डीसीएलआर और डीएसपी स्तर के आठ अधिकारियों समेत पुलिस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे।
छापेमारी दल में 36 सब-इंस्पेक्टर भी मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए 150 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों और जवानों के अचानक जेल पहुंचने से परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
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