नई सरकार बनते ही एक्शन में प्रशासन, मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों की जेलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
नई सरकार के गठन के बाद बिहार में प्रशासन सक्रिय हो गया है। मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर सहित कई जिलों की जेलों में डीएम-एसएसपी के नेतृत्व में छापेमारी की गई।

डीएम एसएसपी समेत अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी। (जागरण)

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जागरण टीम, मुजफ्फरपुर। बिहार में नई सरकार बनते ही प्रशासन और पुलिस एक्शन में नजर आ रही है। राज्य के कई जिलों के जेल में सुबह-सुबह छापेमारी की गई।
शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में शुक्रवार की सुबह छापेमारी की गई। डीएम-एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह करीब 4.45 में पहुंची।
इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक छापेमारी की गई। इस दौरान जेल में सभी वार्ड की तलाशी ली गई। लेकिन कुछ मिला नहीं। बताया गया कि मुख्यालय के निर्देश के बाद डीएम सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के साथ एसडीपीओ और एसडीएम के साथ काफी संख्या में पुलिस के जवान जेल पहुंचे।
इसके बाद जेल में तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी अभियान में 147 पुलिसकर्मी शामिल थे। बता दें कि मुख्यालय के निर्देश पर समय समय पर डीएम-एसएसपी के नेतृत्व में जेल में तलाशी अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा हर दिन जेल प्रशाशन की ओर से जेल में तलाशी ली जाती है।
समस्तीपुर जेल में भी छापा
मंडल कारा में गुरुवार की रात्रि लगभग साढ़े 2 घंटे तक छापेमारी की गई। इस दौरान बंदियों में हड़कंप मच गया।
जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देश के आलोक में विशेष सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडेय के संयुक्त रूप से किया।

समस्तीपुर मंडल कारा में छापेमारी के उपरांत मौजूद एसडीओ, एसडीपीओ व अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी।
इस दौरान जेल के वार्डों को खंगाला गया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। इस दौरान कारा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया तथा विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने पर जोर दिया गया।
छापेमारी के क्रम में कारा के विभिन्न वार्डों का गहन निरीक्षण किया गया। विशेष रूप से मंडल कारा के वार्ड संख्या 32 पर अधिकारियों का फोकस रहा। बंदियों के बैरकों की बारीकी से तलाशी ली गई। इसके साथ ही कारा परिसर के संवेदनशील स्थलों की सघन जांच भी की गई।
अभियान के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता एवं ड्यूटी निष्पादन का भी मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कारा में किसी भी प्रकार की अवैध या आपत्तिजनक सामग्री का प्रवेश न हो सके।
कुछ भी नहीं मिला आपत्तिजनक
हालांकि, विस्तृत तलाशी के बावजूद कोई भी आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, जिससे कारा प्रशासन की सतर्कता स्पष्ट हुई। कारा प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने, नियमित जांच अभियान चलाने तथा बंदियों के बीच अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिया गया।
साथ ही भविष्य में भी इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण जारी रखने पर बल दिया गया, ताकि कारा परिसर में शांति, सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुबह सुबह सीतामढ़ी मंडल कारा में डीएम-एसपी ने की छापेमारी
शुक्रवार की सुबह सुबह जिले के मंडल कारा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी रिची पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के संयुक्त नेतृत्व में जेल परिसर में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया।
इस दौरान आधा दर्जन थानों के पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। अधिकारियों ने जेल के विभिन्न वार्डों की गहन तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान एक वार्ड से आठ पन्नों का संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किया गया।
बरामद दस्तावेजों में कई मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक सामग्री दर्ज होने की बात सामने आई है।अधिकारियों ने कागजात को जब्त कर लिया और उसकी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने बताया कि जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडल कारा में बंद कुख्यात अपराधियों को जल्द ही केंद्रीय कारा स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप का माहौल है।
मंडल कारा में छापा, नहीं मिली कोई आपत्तिजनक सामग्री
वहीं, दूसरी ओर जिलाधिकारी तरनजोत सिंह व एसपी डॉ. शौर्य सुमन के नेतृत्व में गुरुवार की रात मंगलकारा में छापेमारी हुई। इस दौरान जेल में कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलने की सूचना नहीं है।
अचानक रात को डीएम और एसपी दल बल के साथ जेल में पहुंचे। दोनों अधिकारियों के जेल में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। इस दौरान जेल के विभिन्न वार्डों की जांच शुरू हुई।

दोनों अधिकारी करीब एक घंटे तक जेल में मौजूद रहे और विभिन्न वार्डों की तलाशी कराई। हालांकि जेल में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिला।
डीएम ने जेल अधीक्षक संजय कुमार से जेल की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जेल की सुरक्षा और कैदियों की सुविधा के बावत आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
छापेमारी के दौरान डीएम और एसपी के साथ सदर एसडीएम विकास कुमार, सदर वन एसडीपीओ विवेक दीप व विभिन्न थाने की पुलिस मौजूद रही। मौके पर जेल अधीक्षक के अलावा जेल के कई पदाधिकारी व कर्मी में उपस्थित रहे।
मोतिहारी केंद्रीय कारा में तीन घंटे तक छापेमारी
वहीं, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल व पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में शुक्रवार की सुबह विशेष छापेमारी दल तीन घंटे तक केंद्रीय कारा में छापेमारी की।
इस दौरान सभी वार्डों की बारी-बारी से तलाशी ली गई। इस दौरान किसी भी वार्ड से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद किए जाने की सूचना नहीं है। जेल में सबकुछ सामान्य मिला।
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