बैंकों में तीन दिनों की हड़ताल, मुजफ्फरपुर में रविवार को कैश के लिए ब्रांच पहुंचे ग्राहक, 20 प्रतिशत अधिक निकासी
SBI PNB Bank Strike News: तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से पहले मुजफ्फरपुर में रविवार को बैंक खुले, जहां नकदी निकालने ...और पढ़ें

मिठनपुरा, पीएनटी चौक सहित शहर के प्रमुख इलाकों में दिनभर ग्राहक कतारबद्ध दिखे।
HighLights
तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से पहले रविवार को बैंक खुले।
मुजफ्फरपुर में नकदी निकालने के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी।
एटीएम में 100 करोड़ से अधिक कैश लोड किया गया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Three Days Bank Closed: बैंकों में सोमवार से बुधवार (28 से 30 सितंबर) तक होने वाली तीन दिवसीय हड़ताल के कारण रविवार को छुट्टी के दिन भी बैंक की शाखाएं खुली रहीं।
आरबीआई के आदेश पर रविवार को बैंक खुलने पर मुजफ्फरपुर की विभिन्न शाखाओं और एटीएम पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने सामान्य दिनों की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक नकदी की निकासी की।
एटीएम पर लंबी कतारें
मिठनपुरा, पीएनटी चौक सहित शहर के प्रमुख इलाकों में दिनभर ग्राहक कतारबद्ध दिखे। कई जगहों पर एटीएम में कैश लोडिंग के दौरान ग्राहकों को बाहर इंतजार करना पड़ा।
तीन दिनों तक बैंक शाखाएं बंद रहने की आशंका से घबराए लोगों ने समय रहते नकद राशि का इंतजाम किया। बैंकों ने ग्राहकों को मोबाइल पर संदेश भेजकर रविवार को शाखाएं खुली रहने की जानकारी भी दी थी।
100 करोड़ का इंतजाम
हड़ताल के दौरान एटीएम व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसबीआई, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया और कैनरा बैंक ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक कैश लोड कराया है।
शहर में व्यवस्था सुचारु रखने के लिए निजी कैश-लॉजिस्टिक्स कंपनियों को भी लगाया गया है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में एटीएम खाली होने और लगातार मांग बढ़ने पर मंगलवार तक स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कर्मचारियों में नाराजगी
बिहार स्टेट सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि रविवार को शाखाएं खोलने से कर्मचारियों की साप्ताहिक छुट्टी प्रभावित हुई, जिसकी भरपाई बाद में की जाएगी।
हड़ताल के कारण अगले तीन दिनों तक शाखाओं में बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहने की संभावना है, जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ सकती है।
बैंककर्मियों की मुख्य मांगें
- 5-डे बैंकिंग: बैंकों में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए।
- शनिवार की छुट्टी: सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किया जाए।
- द्विपक्षीय वार्ता: कर्मचारी सेवा शर्तों और मुद्दों पर यूनियनों से वार्ता हो।
- वर्क-लाइफ बैलेंस: कार्य-जीवन संतुलन और छुट्टियों से जुड़े मुद्दों का समाधान मिले।
- पीएलआई पर पुनर्विचार: परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था पर यूनियनों की आपत्तियों पर विचार हो।
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