दरभंगा, जासं। जून का महीना शुरू हो गया है। परीक्षा का कांउडाउन चालू हो गया है। यह परीक्षा किसी विद्यार्थी के लिए बल्कि नगर निगम की होती है। सो, निगम प्रशासन की धड़कनें तेजी से धड़कने लगती है।मानसून इस महीने के दूसरे हफ्ते में दस्तक देने को है। सो, अभी से ही हाथ-पांव फूल रहे है। शहरवासियों के भी और नगर निगम प्रशासन के भी। डूबते को तिनके का सहारा वाली कहावत शहरवासियों पर पूरी तरह से फिट नजर आती है। किसी तरह निगम प्रशासन डूबते-डूबते लोगों की नैया पार कराती है। प्रतिवर्ष बारिश में शहर की सूरत बिगड़ जाती है। आधे से अधिक वार्डों में जलजमाव की समस्या बनी रहती है। कई इलाकों में एक से दो फीट तक पानी लगा रहता है। सो, नगर निगम प्रशासन की किरकिरी भी लाजमी है। सो, होती रहती है। निगम पदाधिकारी और कर्मी भी इसे अपनी नियति मान चुके है।

इसलिए हर साल बारिश के समय शहर को जलमुक्त कराने का दंभ भरते रहते है। लेकिन, हर वर्ष अग्नि परीक्षा में फेल साबित होते है। जलजमाव से निपटने के लिए कार्य योजना पर बहुत चर्चा होती है। पानी की तरह पैसा बहाया जाता है। खानापूरी के नाम पर नालों की आंशिक रूप से सफाई भी होती है। लेकिन, इससे समस्याएं खत्म नहीं होती है। शहरी क्षेत्र के कई नालों पर आज भी अतिक्रमणकारी काबिज है। इन्हें अब तक खाली नहीं कराया गया है। घोषणाएं बड़ी-बड़ी होती है। लेकिन, काम धरातल पर नजर नहीं आता है। पिछले दिनों जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त कराने को लेकर लगातार दो बैठकें की। दोनों बैठकों में निगम के अधिकारियों ने बड़े साहेब को विश्वास दिलाया कि करीब सौ फीसद नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। बड़े-बड़े पंप सेट मंगाए गए है। जल-जमाव की सूरत में चार घंटे के अंदर पानी को निकाल लिया जाएगा।

- मानसून से पूर्व शहरी क्षेत्र के सभी नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। बड़े-बड़े एचपी के चार पंप किराए पर लिए गए है। हर हाल में चार घंटे के अंदर जलजमाव से मुक्ति दिलाई जाएगी। निगम ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। लगातार सफाई कार्यों की मॉनेटर‍िंग की जा रही है। -कमलनाथ झा उप नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम।