मोतीपुर चीनी मिल खुलने की उम्मीद से किसानों में उत्साह, मुजफ्फरपुर के 5 प्रखंडों में फिर लहलहाएगा गन्ना
मोतीपुर चीनी मिल के दोबारा चालू होने की उम्मीद से मुजफ्फरपुर में गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में खेतों में लगी गन्ने की फसल।
HighLights
मोतीपुर चीनी मिल खुलने से किसानों में बढ़ा उत्साह।
दो आधुनिक नर्सरियों से पांच लाख पौधे होंगे तैयार।
मिल की 51 एकड़ अतिक्रमित जमीन खाली कराई जा रही।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। मोतीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की कवायद के साथ जिले में गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। वर्तमान में जिले के 124 गांवों में करीब 650 किसान गन्ने की खेती कर रहे हैं।
इनमें मीनापुर के छह, कांटी के 20, मोतीपुर के 46 और साहेबगंज के 52 गांव शामिल हैं। यहां उत्पादित गन्ना सिथवलिया चीनी मिल भेजा जा रहा है।
मोतीपुर मिल के चालू होने के बाद मड़वन, पारू, बंदरा, बोचहां व कुढ़नी तक गन्ने की खेती के विस्तार की योजना है। इन प्रखंडों में पहले बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती थी, लेकिन मोतीपुर चीनी मिल के बंद होने के बाद इसका रकबा घट गया।
रोशनपुर के किसान सत्यम कुमार 10 एकड़ में गन्ने की खेती कर रहे हैं। बताया कि मोतीपुर मिल के खुलने की उम्मीद से इस वर्ष खेती का रकबा बढ़ाकर 20 एकड़ करने की तैयारी है।
उनके अनुसार, 1998 के बाद मोतीपुर मिल बंद होने लगी तो रीगा मिल को गन्ना देते थे। वर्ष 2012 से सिथवलिया मिल को गन्ना भेज रहे हैं। गांव में रूपेश कुमार के अलावा किशुनगर के राजीव पांडेय व मनीष पांडेय भी नियमित रूप से गन्ने की खेती कर रहे हैं।
दो आधुनिक नर्सरी से तैयार होंगे पांच लाख पौधे
गन्ने की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मीनापुर में दो आधुनिक गन्ना नर्सरी विकसित की जाएगी। इसके लिए झिटकहियां के किसान किशोर कुमार सिंह व प्रसाद गांव के किसान पंकज कुमार का चयन किया गया है।
दोनों के यहां करीब आठ-आठ हजार वर्गफीट में नर्सरी विकसित होगी। प्रत्येक पर करीब 30 लाख रुपये खर्च होंगे। सरकार 75 प्रतिशत अनुदान देगी।
दोनों नर्सरियों में सालाना करीब पांच लाख पौधे तैयार होंगे। एक एकड़ में करीब 10 हजार पौधों की जरूरत होती है। इससे हर वर्ष 20 से 25 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा। अक्टूबर से शीतकालीन गन्ने की खेती शुरू करने की तैयारी है।
मिल की 51 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण हटाने में जुटा विभाग
मोतीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इंडियन पोटाश लिमिटेड (आइपीएल) को लीज पर दी गई मिल की 266 एकड़ जमीन की पैमाइश व सीमांकन पूरा हो गया है। इसमें 51 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण मिला।
215 एकड़ जमीन खाली पाई गई। 17 अमीनों की टीम ने पांच मौजा में फैली जमीन का सीमांकन किया। बखरा मौजा की 28.58 एकड़ जमीन पर पक्का निर्माण, दुकानें व अन्य कब्जे मिले।
बरियारपुर में 114.57 एकड़ में 96.48 एकड़ खाली मिली। पचरूखी में आठ एकड़ में करीब 7.3 एकड़ जमीन खाली पाई गई। अतिक्रमण हटाने की कवायद चल रही है।
रीगा चीनी मिल का संचालन कर रही कर्नाटक की निरानी शुगर्स लिमिटेड के संचालक मरुगेश आर. निरानी की टीम भी हाल में मिल परिसर का निरीक्षण कर चुकी है। सहायक निदेशक ने कहा गन्ना की खेती के विस्तार के लिए नर्सरी बन रही है।
- मुजफ्फरपुर में बढ़ेगा गन्ने का रकबा, पांच प्रखंडों में फिर लौटेगी खेती
- जिले के 124 गांवों में 650 किसान कर रहे गन्ने की खेती, अभी सिथवलिया मिल भेजा जा रहा गन्ना
- मीनापुर में 60 लाख से दो आधुनिक नर्सरी, सालाना तैयार होंगे पांच लाख पौधे
- चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन की पैमाइश पूरी, 51 एकड़ पर मिला अतिक्रमण
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