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West Champaran : गन्ने का रकबा घटने से चीनी मिलों की चिंता बढ़ी, किसान बोले-उचित भाव मिले तो बढ़ेगी खेती

Published: Tue, 08 Sep 2026 05:01 PM (IST)

पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में गन्ने का रकबा पिछले साल से 6 हजार एकड़ कम हुआ है, लेकिन फसल की ...और पढ़ें

पश्चिम चंपारण में लगी गन्ने की फसल। जागरण

पश्चिम चंपारण में लगी गन्ने की फसल। जागरण 

HighLights

  1. पश्चिम चंपारण में गन्ने का रकबा 6 हजार एकड़ घटा।

  2. बारिश और धूप से गन्ने की फसल की स्थिति बेहतर।

  3. किसान गन्ने का मूल्य बढ़ाने और समय पर रेट की मांग।

जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। गन्ने का रकबा पिछले साल की तुलना में भले ही घट गया हो, पर फसल की स्थिति ने किसानों और चीनी मिल प्रबंधन की उम्मीद बढ़ा दी है।

न्यू स्वदेशी शुगर मिल्स के क्षेत्र में गन्ना सर्वे का काम पूरा हो गया है। अप्रैल से शुरू हुआ सर्वे अगस्त के अंत तक पूरा किया गया। सर्वे के मुताबिक इस बार मिल क्षेत्र में करीब 63 हजार एकड़ में गन्ने की खेती हुई है, जो पिछले वर्ष से करीब छह हजार एकड़ कम है।

डिस्प्ले बोर्ड पर चस्पा हुआ विवरण

सर्वे के बाद किसानों के गन्ने के रकबे का विवरण चीनी मिल के डिस्प्ले बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। किसान वहां जाकर अपने रकबे का मिलान कर रहे हैं। किसी तरह की त्रुटि या आपत्ति होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे दर्ज कराया जा सकता है, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।

बारिश-धूप से फसल को फायदा

रुक-रुककर हुई बारिश और उसके बाद धूप निकलने से इस बार गन्ने की फसल अच्छी बताई जा रही है। चीनी मिल के कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि फसल की स्थिति बेहतर है। किसानों से अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती करने और शरदकालीन गन्ने की बुवाई बढ़ाने की अपील की गई है।

आपत्ति के बाद मिलेगा कैलेंडर

उन्होंने बताया कि गन्ना सर्वे पर आपत्ति लेने की प्रक्रिया अगले दो-चार दिनों में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद किसानों के बीच गन्ना कैलेंडर का वितरण शुरू होगा। कैलेंडर के अनुसार किसान निर्धारित समय पर चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति कर सकेंगे।

फसल गिरने से बचाने की सलाह

मिल प्रबंधन किसानों को रोगमुक्त और बेहतर उत्पादन के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग भी दे रहा है। जिन किसानों ने गन्ने की बंधाई नहीं कराई है, उन्हें जल्द बंधाई कराने की सलाह दी गई है। इससे तेज हवा और खराब मौसम में फसल गिरने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।

रेट बढ़ाने की किसानों की मांग

उधर, किसानों ने गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि सरकार को पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ने का नया रेट निर्धारित कर देना चाहिए, ताकि उन्हें फसल का उचित मूल्य मिल सके।

सरकार गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा रही है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के साथ मिल प्रबंधन भी लगातार प्रयास कर रहा है।
रविंद्र कुमार तिवारी, कार्यपालक अध्यक्ष, चीनी मिल नरकटियागंज