मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। राज्य में मानव तस्करी के मामले पटना, गया, समस्तीपुर के सीमांचल के जिलों में मानव तस्करी के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। वहीं इन मामलों की कोर्ट में सुनवाई को लेकर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। साक्ष्य और गवाह की कमी के कारण ये मामले लंबित हैं। राज्य में मानव तस्करी के 888 मामले लंबित हैं। अभियोजन निदेशक ने समीक्षा के बाद इस स्थिति पर चिंता जताई है। इन वादों के त्वरित निष्पादन को कहा गया है। कम मामले वाले जिलों को प्रतिदिन सुनवाई कराते हुए यथाशीघ्र निष्पादित करने का टास्क दिया गया है।

अभियोजन सेल का गठन

मानव तस्करी से संबंधित वादों का नोडल पदाधिकारी अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग को बनाया गया है। इनके द्वारा वादों से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए अभियोजन सेल का गठन किया गया है। इसका प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक को बनाया गया है। संबंधित वादों में गवाहों की उपस्थिति या अन्य समस्या के लिए अभियोजन सेल के प्रभारी को जानकारी देने को कहा गया है।

प्रतिमाह जिलाधिकारी करेंगे समीक्षा

जिला अभियोजन पदाधिकारी को प्रति माह जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समस्याओं को रखने को कहा गया है। प्रत्येक माह की 5वीं तारीख तक लंबित एवं निष्पादित कांडों की मासिक रिपोर्ट अभियोजन निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

किस जिल में कितने मामले लंबित

अररिया : 21, आरा : तीन, अरवल : 19, औरंगाबाद : 18, बांका : सात, बेगूसराय : 16, पश्चिम चंपारण : 48, भागलपुर : 11, बक्सर : 14, छपरा : पांच, दरभंगा : छह, गया : 127, गाेपालगंज : पांच, जहानाबाद : 11, जमुई : दो, कटिहार : 50, खगड़िया : 24, किशनगंज : 50, लखीसराय : तीन, मधेपुरा : पांच, मधुबनी : चार, पूर्वी चंपारण : 12, मुंगेर : तीन, मुजफ्फरपुर : 10, नालंदा : 13, नवादा : 13, पटना : 129, पूर्णिया : 38, समस्तीपुर : 114, सासाराम : 11, सहरसा : 14, शेखपुरा : दो, शिवहर : दो, सीतामढ़ी : 22, सिवान : 20, सुपौल : 10 एवं वैशाली :19, कुल : 888।

 

Edited By: Ajit kumar

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