एमआइटी की तीन शाखाओं के एनबीए मूल्यांकन को लेकर मॉक विजिट, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव
विशेषज्ञों ने संस्थान को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें प्रत्येक विभाग के लिए स्वतंत्र सेमिनार हॉल, एमटेक पाठ्यक्रमों के लिए ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
HighLights
एमआईटी में एनबीए मूल्यांकन हेतु मॉक विजिट आयोजित।
एमटेक के लिए अलग शिक्षकों की नियुक्ति का सुझाव।
विभागों हेतु स्वतंत्र सेमिनार हॉल, भवन आवश्यक।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। MIT Muzaffarpur Engineering: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) में तीन शाखाओं के एनबीए मूल्यांकन की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को एनबीए का माक विजिट कराया गया, जिसमें देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से आए विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
विशेषज्ञों ने एमटेक पाठ्यक्रम को लेकर खास तौर पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि एमटेक की पढ़ाई के लिए अलग से शिक्षकों के पद स्वीकृत होना जरूरी है। वर्तमान में संस्थान में छह एमटेक शाखाएं संचालित हैं, जहां एक ही शिक्षक बीटेक और एमटेक दोनों स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। इससे अकादमिक फोकस प्रभावित होता है, इसलिए एमटेक के लिए अलग शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक बताई गई।
माक विजिट के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि प्रत्येक विभाग का अपना स्वतंत्र सेमिनार हॉल, बोर्ड रूम और अलग भवन होना चाहिए। इससे हर शाखा की अलग पहचान बनेगी और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। साथ ही प्रयोगशालाओं में कराए जाने वाले सभी प्रयोगों के नाम स्पष्ट रूप से अंकित करने और लैब फाइलों को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया गया।
एनबीए समन्वयक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने विशेषज्ञों को संस्थान की अकादमिक और भौतिक संरचनाओं की विस्तृत जानकारी दी। टीम ने एवीएच हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, लाइब्रेरी, वशिष्ठ नारायण सिंह शोध प्रयोगशाला, मैकेनिकल लैब तथा ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस का भ्रमण किया।
इसके बाद दो-दो विशेषज्ञों की टीम ने अलग-अलग विभागों का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों, डाटा और अभिलेखों की समीक्षा की तथा उन्हें और सुदृढ़ करने के सुझाव दिए। मैकेनिकल विभाग की प्रयोगशालाओं की विशेष रूप से सराहना की गई।
इस माक विजिट में राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) प्रक्रिया से जुड़े आइआइटी, एनआइटी सहित अन्य संस्थानों के सात विशेषज्ञ शिक्षक शामिल थे। एमआइटी की ओर से मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और लेदर टेक्नोलॉजी शाखाओं के लिए एनबीए मूल्यांकन का आवेदन किया गया है। विजिट करने वालों में आईआईटी धनबाद के प्रो. अमित राय दीक्षित, प्रो. कल्याण चटर्जी समेत अन्य विशेषज्ञ मौजूद थे।
