मुजफ्फरपुर, जेएनएन। साइबर अपराधियों ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में जूनियर क्लर्क की बहाली को लेकर फर्जी तरीके से मेरिट लिस्ट जारी कर विवि प्रशासन को चौंका दिया। साइबर अपराधियों की ओर से जारी यह फर्जी मेरिट लिस्ट तेजी से वाट्सएप ग्रुप में प्रसारित होने लगा। इसकी सूचना विवि के एक कर्मी को मिली और उसने कुलसचिव को यह फर्जी पत्र भेजा। कुलसचिव ने देखते ही इसे फर्जी बताया और लोगों को इसके झांसे में नहीं आने को कहा। हालांकि, देर शाम तक यह फेसबुक और वाट्सएप के विभिन्न ग्रुप में शेयर किया जाता रहा। 

यह है मामला

बुधवार की सुबह वाट्सएप ग्रुप पर कनीय पद पर क्लर्क की बहाली को लेकर एक फर्जी सूची जारी की गई। साइबर फ्रॉडों ने विवि का लोगो और कुलसचिव का फर्जी हस्ताक्षर इस सूची के नीचे चस्पा कर दिया, लेकिन इसके हेडर में एक गलती रह गई। हेडर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय का पूरा नाम बिना स्पेश दिए लिख दिया गया। 

छह महीने पूर्व निकाला था फर्जी फॉर्म

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में साइबर ठगों ने जूनियर क्लर्क की बहाली को लेकर करीब छह महीने पूर्व फर्जी फॉर्म जारी किया था। इसके लिए एक फर्जी वेबसाइट भी बनवाया गया था। विवि प्रशासन ने मामले को लेकर थाने में शिकायत की थी। उसके छह माह बाद फिर से ठगों ने उसी का मेरिट लिस्ट जारी किया।

  इस बारे में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल अजय कुमार राय ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने फर्जी तरीके से हस्ताक्षर और विवि के लोगो को स्कैन कर लोगों को भरमाने का प्रयास किया है। विवि प्रशासन की ओर से न कोई ऐसी सूचना जारी की गई है और न मेरिट लिस्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को इससे सतर्क रहने की जरूरत है।

Posted By: Murari Kumar

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