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मीनापुर सीएचसी में स्वास्थ्य विभाग का छापा, दवा फ्रिज में खून के नमूने, अवैध दुकानें और कर्मचारी गायब

By Amrendra Tiwari Edited By: Ajit kumar
Published: Sun, 03 May 2026 01:58 PM (IST)

Health Department Action: मीनापुर सीएचसी में स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण के दौरान दवा दुकान के फ्रिज में दवाओं के साथ ...और पढ़ें

HighLights

  1. दवा दुकान के फ्रिज में खून के नमूने मिले।

  2. अवैध दवा दुकानें और एक्सपायर्ड अल्ट्रासाउंड सेंटर।

  3. मीनापुर सीएचसी में कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Meenapur CHC Inspection: मीनापुर में स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। क्षेत्रीय अपर निदेशक की जांच में एक दवा दुकान के फ्रीज में दवाओं के साथ खून का नमूना रखा मिला, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

दवा दुकान में गंभीर अनियमितता 

मीनापुर सीएचसी के पास संचालित दवा दुकानों और अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। एक दुकान बिना लाइसेंस के चल रही थी, जबकि दूसरी दुकान पर फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था। फ्रीज की जांच में दवाओं के साथ रक्त नमूना रखा मिला, जो स्वास्थ्य मानकों के विपरीत है।

अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंस भी समाप्त

निरीक्षण में पाया गया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंस समाप्त हो चुका था और उसका नवीकरण नहीं कराया गया था। बोर्ड पर दर्ज चिकित्सक भी मौके पर मौजूद नहीं मिले।

प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश

क्षेत्रीय अपर निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर जांच कर संबंधित संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। साथ ही पीएचसी प्रभारी को अवैध दवा दुकानों और अल्ट्रासाउंड सेंटर को तत्काल सील करने का आदेश दिया गया।

सीएचसी में कर्मियों की अनुपस्थिति

निरीक्षण के दौरान मीनापुर सीएचसी में प्रधान लिपिक समेत चार लिपिक अनुपस्थित पाए गए, जिनका वेतन रोक दिया गया है। वहीं, सामुदायिक उत्प्रेरक को आशा कार्यों की जानकारी नहीं होने पर उसे प्रशिक्षण के लिए भेजने का निर्देश दिया गया।

बोचहां सीएचसी में भी लापरवाही

बोचहां सीएचसी की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। निरीक्षण के समय कार्यालय बंद मिला और प्रभारी समेत सभी चिकित्सक अनुपस्थित थे। यहां आयुष चिकित्सकों के भरोसे इलाज चल रहा था।

शिकायत के आधार पर कार्रवाई

बताया गया कि मीनापुर के विधायक की शिकायत पर यह जांच की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किया जा रहा है, जबकि सरकारी स्तर पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।

गायब कर्मियों पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों और कर्मियों से जवाब तलब किया गया है और उनका वेतन बंद कर दिया गया है। साथ ही अवैध संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।