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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Madhubani News: मिथिलांचल में इस बार 53 दिन गूंजेगी शहनाई, शुरू हुई तैयारी

By Dharmendra Kumar SinghEdited By:
Published: Sun, 14 Nov 2021 03:26 PM (IST)Updated: Sun, 14 Nov 2021 03:27 PM (IST)

Madhubani News 21 नवंबर से शुरू हो रहे विवाह के शुभ लग्न आठ जुलाई को समापन इस बार विवाह के ...और पढ़ें

मिथिलांचल क्षेत्र में शादी व‍िवाह की शुरू हुई तैयारी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
मिथिलांचल क्षेत्र में शादी व‍िवाह की शुरू हुई तैयारी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

मधुबनी, जासं। मिथिलांचल क्षेत्र में एक बार फिर शहनाई का मौसम शुरू होने जा रहा है। मिथिला में सर्वमान्य विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार इस साल विवाह के कुल 53 शुभ लगन हैं। लगन शुरू होते ही कई घरों में विवाह और उपनयन की तैयारियां भी शुरू हो गई है। लोग अपनी सुविधा के अनुरुप विवाह भवन, पंडाल, बिजली-जेनरेटर, हलवाई आदि की बुकिंग करने में जुटे हुए हैं। जिन वर-वधु का विवाह तय हो चुका है, वे भी तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं, कई लोग अपने पुत्र व पुत्रियों के विवाह की बातचीत तय करने में लगे हुए हैं। इस बार विवाह के शुभ लगन 21 नवंबर से शुरू होकर अगले साल की आठ जुलाई तक हैं। विवाह के सबसे अधिक 12 शुभ दिन मई माह में हैं जबकि सबसे कम तीन शुभ दिन नवंबर एवं जनवरी माह में हैं। मार्च माह में इस बार विवाह के एक भी शुभ लग्न नहीं हैं। विवाह के साथ ही कई घरों में उपनयन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। हालांकि, उपनयन के लिए इस बार केवल 11 शुभ दिन हैं।

बाजारों में बढ़ी रौनक 

पर्व-त्यौहार समाप्त होते ही लोग विवाह-उपनयन की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे एक बार फिर बाजारों में खरीदारी बढ़ गई है। विशेषकर कपड़ों और जेवरों की दुकान पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। बता दें कि मिथिलांचल में शादी-ब्याह का मौसम व्यावसायियों के लिए कमाने का मौसम होता है। यह सिर्फ कपड़े ही नहीं, बल्कि हर उस सामान के व्यावसायियों के लिए मुनाफा कमाने का समय होता है जिसकी जरुरत उपनयन से लेकर शादी-ब्याह तक में पड़ती है।

घरों में शुरू हुई तैयारी 

शुभ लगन आते ही घरों में उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई है। जिन घरों में विवाह के दिन तय हो चुके हैं, वहां मेहमानों को न्योता देने के साथ ही लोग आयोजन की तैयारियों में लग गए हैं। दूर-दराज में रहने वाले नाते-रिश्तेदारों को विवाह के कार्ड भेजने के साथ ही मोबाईल से भी लोगों को न्योता दिया जा रहा है। घरों का रंग-रोगन भी शुरू हो चुका है। महिलाएं भी रीति-रिवाजों की तैयारियों में लग गई हैं। विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों का रियाज भी शुरू हो चुका है।

आठ जुलाई को सौराठ सभा का समापन 

मिथिला में सौराठ सभा के साथ ही विवाह के शुभ लगन का अंत माना जाता है। पंडित बैद्यनाथ मिश्र बताते हैं कि इस बार सौराठ सभा का शुभारंभ 30 जून को हो रहा है और समापन आठ जुलाई को होगा। विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार इस बार विवाह के शुभ लगन भी आठ जुलाई को अंत हो रहे हैं।

विवाह-उपनयन आदि के शुभ दिन 

विवाह

नवंबर- 21, 22, 29, दिसंबर- 1, 2, 5, 6, 8, 9, 13, जनवरी- 23, 24, 27, फरवरी- 2, 6, 7, 10, 11, अप्रैल- 17, 20, 21, 22, 24, 25, 27, 28, मई- 2, 9, 11, 12, 13, 18, 20, 22, 25, 26, 27, 30, जून- 1, 5, 6, 9, 10, 13, 19, 22, 23, 24, 26, जुलाई- 3, 4, 6 और 8

द्विरागमन 

नवंबर- 19, 21, 22, 24, दिसंबर- 5, 8, 9, 10, 13, फरवरी- 18, 20, 21, मार्च- 2, 3, 4, 6, 9, 10, 13, अप्रैल- 17, 20, 21, मई- 2, 6, 8, 11, 12, 13

उपनयन 

फरवरी- 3, 11, अप्रैल- 6, 11, मई- 5, 11, 12, जून- 2, 9, 10, जुलाई- 4

मुंडन 

नवंबर – 22, 24, दिसंबर- 8, 10, फरवरी- 2, 3, 7, 10, 11, 21, मार्च- 4, 9, अप्रैल- 18, 20, मई- 6, 11, 12, 12, 18, 20, जून- 1, 2, 9, 10, 17, जुलाई- 1, 6, 8