मुजफ्फरपुर, {प्रमोद कुमार} । मैडम जनप्रतिनिधि हैं। सफाई महकमे से जुड़ी हैं। कई वरीय एवं अनुभवी जनप्रतिनिधियों के रहते हुए उनको महकमे की बड़ी बैठक की अध्यक्षता करने का मौका मिला। फिर क्या था कुर्सी पर बैठते ही मैडम के तेवर बदल गए। बैठक में बोल रहे एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि की उन्होंने बोलती बंद कर दी। मैडम को तेवर देखकर वरिष्ठ जनप्रतिनिधि ने चुप रहने में ही भलाई समझी। उनके तेवर चर्चा में हैैं। उनके इलाके की जनता ने चार साल पहले मैडम को चुनकर अपनी सेवा के लिए सफाई महकमे में भेजा था। नंबर के मामले में मैडम का इलाका पीछे होने से हमेशा बैठक की पिछली सीट मिलती थी। इससे वह भी बोलती थीं तो कोई सुन नहीं पता था। विशेष बैठक में मैडम को मंच की कुर्सी मिली तो उन्होंने जमकर अपने तेवर दिखाए।

दिल तो बच्चा है जी

मैडम की उम्र को मत देखिए, उनका दिल तो अभी बच्चा है जी। मैडम इन दिनों बच्चों के साथ बच्चा बनकर फोटो खिंचवा रही हैं। फोटो को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करके खूब चर्चा बटोर रही हैैं। मैडम की पहचान पहले समाज सेवा से थी, लेकिन अब वह राजनीति के मैदान में सक्रिय हैं। सामन्य कार्यकर्ता के रूप में सरकारी पार्टी में शामिल हुईं, लेकिन अपनी सक्रियता से वह अब प्रदेश स्तर की नेत्री हंै। समाज सेवा एवं राजनीति से अलग भी मैडम की पहचान है। वह बड़े घर की बहू हैं। समय एवं जरूरत के हिसाब से अपने को ढाल लेती हंै। जहां भी जाती हंै सबको अपना बना लेती हैं। इन दिनों वह बच्चों के साथ अपनी खुशियां बांट रही हंै। उनके साथ पार्टी कर रही हैं, फोटो खिंचवा रही हैं। बच्चे भी उनके साथ जमकर फोटो खिंचवा रहे हैं। फोटो को इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर रहे हंै।

रास नहीं आ रही राजनीति, समाज सेवा में दम

समाजसेवी मैडम ने डेढ़ साल पहले राजनीति में कदम रखा था। सरकारी पार्टी को अपनी राजनीतिक यात्रा का मंच बनाया था। समाज सेवा में मिली पहचान एवं शहर की सबसे बड़ी बिरादरी से आने के कारण उनको पार्टी में बड़ी कुर्सी मिली, लेकिन मैडम को राजनीति रास नहीं आई। इसलिए पार्टी में पद पर रहने के बाद भी निष्क्रिय रहीं। राजनीति में आते ही उनकी जो पहचान थी वह फीकी पड़ गई थी। हाल ही में उनको सामाजिक संगठन में शीर्ष कुर्सी मिली है। कुर्सी मिलते ही वह सक्रिय हो गई हैैं। हर दिन कोई न कोई कार्यक्रम कर रही हंै। कार्यक्रमों की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर डालकर फिर से चर्चा में आ रही हैं। अपनी खोई पहचान को फिर से प्राप्त कर रही हंै। राजनीति को समाज सेवा समझकर वह मैदान में उतरी थीं, लेकिन जल्द ही उनका भ्रम मिट गया। अब वह असली जगह पर आ गई हैं।

फिर से सक्रिय हुईं प्रोफेसर मैडम

छात्राओं के बीच उपहार बांटने के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाली प्रोफेसर मैडम फिर से सक्रिय हो गई हंै। वह शहर के एक नामी महिला कालेज से जुड़ी हैं। कॉलेज की छात्राओं में मैडम काफी लोकप्रिय हंै। कोरोना माई के भय से प्रोफेसर मैडम कुछ नहीं कर पा रही थीं, लेकिन उनको अपनी छात्राओं की चिंता थी। फिलहाल वह छात्राओं के बीच उपहार नहीं बांट रहीं, लेकिन उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए जरूरी टिप्स दे रही हैं। उनका भविष्य कैसे संवरेगा बता रही हंै। मैडम ने छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए एक कार्यक्रम चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हुईं। मैडम के लौट आने से छात्राएं खुश हैं। उनको फिर से मैडम के उपहार बांटने का इंतजार है। व्यक्तित्व विकास वाले कार्यक्रम की सफलता के बाद मैडम उत्साहित हैं और आगे उनके लिए नया कार्यक्रम बनाने में लगी हंै।