विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Muzaffarpur News: जलाभिषेक करने आ रहे कांवरिया की मौत, कई की बिगड़ी तबीयत; मची अफरा-तफरी

Published: Sun, 04 Aug 2024 11:59 PM (IST)Updated: Mon, 05 Aug 2024 12:06 AM (IST)

मुजफ्फरपुर जिले में कांवरियों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि कइयों की तबीयत बिगड़ गई है। ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आ रहे कई कांवरियों की तबीयत बिगड़ गई। तुर्की के पास एक कांवरिया बेहोश होकर गिर गए। पुलिस की गाड़ी से उन्हें सदर अस्पताल लाया गया। यहां उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा गया है।

इसके अलावा कई कांवरियों को सदर अस्पताल में भर्ती किया गया। सदर अस्पताल इमरजेंसी में भर्ती प्रियंका कुमारी ने बताया कि वह सोनपुर से बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आई थी।

स्वजन ने बतााया कि ट्रेन से आने के क्रम में अचानक तबीयत बिगड़ी। उसके बाद उसको रेलवे जंक्शन से यहां पर लाया गया। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार है।

कांवरिया मार्ग में वाहनों का परिचालन बंद होने से मिठनपुरा रूट पर बढ़ा लोड, भीषण जाम

कांवरिया पथ स्थित रामदयालु से अघोरिया बाजार होते हुए छाता बाजार चौक तक वाहनों का परिचालन बंद होने से मिठनपुरा रूट में वाहनों का लोड बढ़ गया। इस कारण रविवार शाम से नीम चौक से लेकर मिठनपुरा चौक तक भीषण जाम में राहगीर कराह उठे।

पुलिस या ट्रैफिक के जवान भी इस मार्ग में नदारद थे। क्योंकि सभी की ड्यूटी कांवरिया मार्ग में लगाई गई थी। इस कारण जाम और भी भीषण हो गया। देखते-देखते गली-मुहल्ले में भी वाहनों की लंबी कतार लग गई। आटो और चारपहिया वाहनों के इस मार्ग में प्रवेश करने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

मिठनपुरा समपार फाटक पर ऐसा जाम लगा कि ट्रेन के आने का समय हो गया और बूमर उठा रह गया। अत्यधिक भीड़ देखकर ट्रेन को कुछ देर के लिए गति को धीमी करना पड़ा। फिर स्थानीय लोग और गुमटी मैन ने पटरी पर से वाहनों को किसी तरह साइड कराया।

इसके बाद स्लाइडर लगाकर ट्रेन को पास कराया गया। इस दौरान अफरातफरी की स्थिति बनी रही। ट्रेन को आता देखकर लोग घबरा उठे थे, लेकिन सिग्नल ग्रीन नहीं होने के कारण ट्रेन को रोका गया। तब जाकर पटरी पर फंसे वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।

ट्रेन के गुजरने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। रात करीब दस बजे तक भीषण जाम की समस्या से लोग जूझते रहे। इस दौरान सूचना मिलने के बाद पुलिस या ट्रैफिक के जवान नदारद रहे।

यह भी पढ़ें-

बिहार में भीषण सड़क हादसा, जमुई में पिकअप पलटने से 15 कांवरिये घायल, पूर्णिया में खलासी समेत दो की मौत

श्रावणी मेला में बिहमा कांवरिया पथ होकर अगर आप गुजर रहे हैं तो ध्‍यान दें, दो दर्जन कांवरियों को कुत्‍ते ने काटा