मुजफ्फरपुर। आभूषण व्यवसायी रोहित हत्याकाड के मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने के लिए पुलिस ने जेल में बंद दो शूटरों को रिमांड पर लिया है। नगर थाने की पुलिस दोनों आरोपित प्रदीप साह और बाबुल सिंह से पूछताछ कर उसकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई कर रही है। बताया गया कि पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने प्रदीप को 48 घटे और बाबुल को 24 घटे के लिए रिमांड पर रखने का आदेश जारी किया। इसके बाद गुरुवार शाम करीब चार बजे दोनों को अमर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा से रिमांड पर लिया गया।

जेल में रची गई थी साजिश : दस जनवरी 2018 की रात आभूषण मंडी में हथियार से लैस अपराधियों ने आभूषण व्यवसायी रोहित की दुकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच में पता चला कि इसकी साजिश जेल में बंद एक कुख्यात के इशारे पर रची गई थी। मुख्य साजिशकर्ता तक पुलिस नहीं पहुंची है। मामले में अब तक मोनू पटेल, बैद्यनाथ पासवान व लाइनर विक्की को गिरफ्तार हो चुका है। इनसे पता चला कि साजिश जेल में ही रची गई थी। पुलिस दबिश को देख रंजीत पासवान ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। उसे भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। मार्च में मोतीझील ओवरब्रिज पर वाहन जांच के दौरान प्रदीप साह को पकड़ा गया। प्रदीप से पूछताछ में मनोज सहनी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस की मानें तो ये दोनों आरोपित जेल में एक साथ बंद थे। इसी समय हत्या की सुपारी दोनों को मिली। प्रदीप की पूछताछ के बाद तुर्की के बाबुल सिंह का नाम सामने आया। अप्रैल में बाबुल को पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि प्रदीप व बाबुल का नजदीकी संबंध है। पुलिस ने कहा कि प्रदीप का भाई भी छात्र नेता शमीम हत्याकांड में आरोपित रहा है। इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है।

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