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मुजफ्फरपुर, जेएनएन। लेखापाल सह आइटी सहायक पद पर बहाली के लिए फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र इस्तेमाल करने वाले 20 अभ्यर्थियों पर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी का आदेश दिया है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने नगर थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर दोषी पाए गए अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्यवाई को कहा है।

 जिन अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है उनमें सारण के आशुतोष कुमार, प्रभात कुमार राय, उदय प्रताप सिंह, नंदन कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, चंदन कुमार, शैलेंद्र कुमार सिंह, रंजीत कुमार राम एवं राजदेव यादव, मुजफ्फरपुर के रविंद्र कुमार, अनिता कुमारी, सत्यदेश दास, अजीत कुमार, नीलम कुमारी, दिलीप कुमार, राम विनोद पोद्दार एवं राजेंद्र प्रसाद, वैशाली के शशि कुमार, पटना के सद््दाम आलम शामिल हैं।

 अभ्यर्थियों द्वारा लेखापाल सह आइटी सहायक के पद पर नियुक्ति हेतु पंचायत राज विभाग पटना के वेबसाइट पर ऑन लाइन आवेदन किया गया था। जिले के अभ्यर्थियों की 20 नवंबर 2018 को काउंसिंलिंग हुई थी। इस दौरान अभ्यर्थियों से प्राप्त शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के क्रम में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी उत्तर प्रदेश द्वारा इन अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र को फर्जी करार दिया गया। उसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।  

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Posted By: Ajit Kumar

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