विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रेलवे का सख्त एक्शन: ट्रेनों में खानपान की होगी 'थर्ड पार्टी' चेकिंग, 24 घंटे में गिरेगी गाज

Published: Wed, 21 Oct 2026 06:58 PM (IST)

रेलवे ने ट्रेनों में खानपान की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच शुरू की है।

रेलवे का सख्त एक्शन: ट्रेनों में खानपान की होगी 'थर्ड पार्टी' चेकिंग, 24 घंटे में गिरेगी गाज (AI Generated Image)

रेलवे का सख्त एक्शन: ट्रेनों में खानपान की होगी 'थर्ड पार्टी' चेकिंग, 24 घंटे में गिरेगी गाज (AI Generated Image)

HighLights

  1. रेलवे ने थर्ड पार्टी जांच से निगरानी बढ़ाई।

  2. डिजिटल साक्ष्य से खानपान में जवाबदेही तय होगी।

  3. मुजफ्फरपुर के यात्रियों को भी गुणवत्ता का लाभ।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई में गड़बड़ी करने वाले खानपान संचालकों पर रेलवे ने अब शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है।

रेलवे ने खानपान सेवाओं की निगरानी के लिए स्वतंत्र थर्ड पार्टी से जांच कराने की व्यवस्था की है। रेलवे ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ समझौता किया है।

इसके तहत ट्रेनों और स्टेशनों पर खानपान इकाइयों की बिना पूर्व सूचना औचक जांच की जाएगी। इस व्यवस्था का लाभ मुजफ्फरपुर समेत पूर्व मध्य रेल के स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी मिलेगा।

डिजिटल साक्ष्यों से तय होगी जवाबदेही

जांच के दौरान निरीक्षक मोबाइल एप के माध्यम से भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी खामियों को दर्ज करेंगे। निरीक्षण स्थल की लोकेशन जियो-टैगिंग के जरिए और जांच का समय टाइम-स्टैम्पिंग से रिकॉर्ड होगा।

साथ ही, गड़बड़ियों की तस्वीरें भी साक्ष्य के रूप में दर्ज की जाएंगी। इससे संबंधित खानपान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने और शिकायतों की जांच में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।

भोजन बनाने से लेकर परोसने तक की होगी निगरानी

निरीक्षण के दौरान भोजन तैयार करने की जगह की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण, कर्मचारियों की साफ-सफाई, सुरक्षात्मक उपकरणों के इस्तेमाल और भोजन को उचित तापमान पर रखने जैसी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री को अलग रखने तथा कीट नियंत्रण के नियमों के पालन पर भी ध्यान दिया जाएगा।

24 घंटे में सौंपनी होगी रिपोर्ट

समझौते के अनुसार, जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर सौंपने की व्यवस्था है। इससे सामने आई कमियों पर जल्द सुधारात्मक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

नियमों का उल्लंघन करने वाले खानपान संचालकों पर जुर्माना लगाने से लेकर गंभीर मामलों में अनुबंध समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

मुजफ्फरपुर के यात्रियों की शिकायतों पर भी अहम पहल

मुजफ्फरपुर जंक्शन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में खानपान सेवाओं की गुणवत्ता और स्वच्छता यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।

स्वतंत्र जांच और डिजिटल साक्ष्य आधारित निगरानी से रेलवे की खानपान व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

हालांकि, समस्तीपुर रेल मंडल में इस व्यवस्था के तहत जांच शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इसे स्थानीय स्तर पर लागू व्यवस्था के रूप में बताया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें- यूपी-बिहार के यात्रियों के लिए चंडीगढ़-बरौनी स्पेशल ट्रेन का एलान, रेलवे ने जारी किया शेड्यूल