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रेलवे का बड़ा फैसला: 45 पैसे में 10 लाख का बीमा, अब PRS काउंटरों पर भी उपलब्ध

Published: Mon, 26 Oct 2026 05:55 AM (IST)

PRS Counter Travel Insurance Railway: भारतीय रेलवे ने अब पीआरएस काउंटरों से टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए भी वैकल्पिक दुर्घटना बीमा सुविधा शुरू की है।

कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ने इस सुविधा को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है।

कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ने इस सुविधा को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है।

HighLights

  1. पीआरएस काउंटरों पर भी वैकल्पिक दुर्घटना बीमा सुविधा।

  2. मात्र 45 पैसे के प्रीमियम पर 10 लाख रुपये का कवर।

  3. डिजिटल भुगतान अनिवार्य, नकद भुगतान पर सवाल उठे।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। IRCTC Insurance Scheme Rules: भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाते हुए एक अहम कदम उठाया है।

अब तक केवल आईआरसीटीसी (IRCTC) से ऑनलाइन ई-टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मिलने वाली वैकल्पिक दुर्घटना बीमा की सुविधा अब पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) यानी रेलवे आरक्षण काउंटरों से टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को भी मिलेगी।

कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ने इस सुविधा को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है, जो मंगलवार यानी 27 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगी।

10 लाख तक का कवर

इस वैकल्पिक बीमा सुविधा के तहत यात्रियों को महज 45 पैसे के प्रीमियम में 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। बीमा पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार, ट्रेन दुर्घटना में यात्री की मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलता है।

वहीं, स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर 7.50 लाख रुपये, अस्पताल में इलाज के लिए 2 लाख रुपये तक और मृतक के शव को लाने-ले जाने के लिए 10 हजार रुपये तक का प्रावधान किया गया है।

डिजिटल भुगतान और मोबाइल नंबर अनिवार्य

काउंटर से टिकट लेते समय बीमा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा और अपना सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

जो यात्री यह सुविधा नहीं लेना चाहते हैं, उन्हें संशोधित मांग पत्र (रिवीजन फॉर्म) पर स्पष्ट रूप से 'NO' लिखना होगा। रेलवे की ओर से यात्रियों की जागरूकता के लिए पीआरएस परिसरों में पोस्टर भी लगाए गए हैं।

नकद भुगतान करने वालों की मांग

दूसरी ओर, काउंटर पर नकद (कैश) देकर टिकट लेने वाले यात्रियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का तर्क है कि दुर्घटना का जोखिम सभी के लिए समान होता है, इसलिए यह सुविधा सिर्फ डिजिटल भुगतान तक सीमित न रहकर नकद टिकट लेने वाले यात्रियों को भी मिलनी चाहिए।

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर टिकट ले रहे रवि कुमार, संतोष कुमार और संजय कुमार जैसे कई यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि इस दायरे को बढ़ाया जाए ताकि हर रेल यात्री को सुरक्षा का लाभ मिल सके।

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