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ट्रेन चलाने आ रहे लोको पायलट नशे में तो नहीं? पलक झपकते चलेगा पता, मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंचीं चार CMS मशीनें

Published: Wed, 07 Oct 2026 05:55 AM (IST)

Loco Pilot Alcohol Test: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर चार नई सीएमएस (क्रू मैनेजमेंट सिस्टम) मशीनें पहुंची हैं, जिनका उद्देश्य रेलवे हादसों ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंची सीएमएस मशीन।

मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंची सीएमएस मशीन।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Indian Railways CMS:रेलवे में तकनीक के बढ़ते प्रयोग ने हादसों को बहुत हद तक रोक दिया है। बावजूद रेलवे प्रशासन की ओर से इसको कम से कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

जंक्शन पहुंचीं मशीनें

समस्तीपुर रेल मंडल से मुजफ्फरपुर जंक्शन, नारायणपुर अनंत और महवल रेलवे स्टेशन के लिए पहुंचीं चार सीएमएस (CMS)यानी क्रू मैनेजमेंट सिस्टम मशीनें इसी उद्देश्य से भेजीं गई हैं। मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंचीं इन मशीनों को फिलहाल सीटीबी बिल्डिंग में रखा गया है।

यहां टेक्निशियन के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। इनमें से दो मशीनें मुजफ्फरपुर के क्रू लॉबी में लगेंगी। वहीं एक-एक नारायणपुर अनंत और महवल में इंस्टॉल की जाएंगी।

ट्रैक और मैनेज का काम

इन मशीनों के चालू हो जाने के बाद रनिंग स्टाफ को डिजिटली मैनेज किया जाएगा। इसके साथ ही साथ उनके स्वास्थ्य और वर्कलोड की भी सही से मॉनीटरिंग होगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यदि कोई लोको पायलट, सहायक पायलट या गार्ड शराब पीकर ट्रेन चलाने की कोशिश करेगा तो वह तुरंत पकड़ा जाएगा। 

शराब पीने की जांच

सीएमएस में जैसे ही कोई साइन ऑन करेगा, एल्कोहल टेस्ट के जरिए उसके शराब पीने की पुष्टि हो जाएगी और इसकी जानकारी तुरंत रेलवे प्रशासन तक पहुंच जाएगी ओर संबंधित को न केवल ड्यूटी से रोक दिया जाएगा वरन यथोपयुक्त कार्रवाई भी की जाएगी। 

पर्याप्त नींद की जानकारी 

इतना ही नहीं यह कर्मचारियों की ड्यूटी का विश्लेषण करते हुए यह भी पता लगा लेगा कि संबंधित कर्मचारी ने पर्याप्त आराम किया है या नहीं।

उनकी नींद पुूरी हुई है या नहीं। इतना कुछ हो जाने से रेलवे में इन वजहों से होने वाले हादसों को कम से कम करना सरल हो जाएगा।

मशीन इंस्टॉल होने के बाद जैसे ही कोई कर्मचारी साइन ऑन करेगा उस क्रू की ड्यूटी, उपलब्धता और लॉबी की गतिविधियों का पूरा डिजिटल रिकार्ड रेलवे के पास तैयार हो जाएगा।

अब उसके साइन ऑफ करने तक उसकी मॉनीटरिंग की जाएगी वहीं दूसरी ओर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार उसकी आगली ड्यूटी भी लगाई जाएगी। 

समस्तीपुर मंडल में यह व्यवस्था 

गौरतलब है कि सीएमएस भारतीय रेलवे का एक विशेष डिजिटल साफ्टवेयर है। इसको क्रिस द्वारा तैयार किया गया है। जो पूरी तरह से लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड को मैनेज और ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है।

अन्य मंडलों में यह पहले से काम कर रहा है। समस्तीपुर मंडल के स्टेशनों में भी इसको लागू किया जा रहा है। इसकी मदद से होम या आउट स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों का रिकॉर्ड बेहतर ढंग से रखा जाता है। 

ओवर टाइम में भी मददगार 

इसके साथ ही साथ मशीन कर्मचारियों की वर्क हिस्ट्री तैयार करती और उसको आधार बनाते हुए ड्यूटी अलॉट करती है। कर्मचारियों की सुविधा के लिए कियोस्क के साथ ही साथ मोबाइल एप से भी साइन ऑन और आफ की सुविधा दी गई है। यदि रनिंग स्टाफ के कार्य के घंटे से अधिक हो जाते हें तो उनके ओटी को तय करने में भी इसकी भूमिका होती है। 

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