मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। मिठनपुरा थाना क्षेत्र के प्रापर्टी डीलर विजेंद्र कुमार उर्फ विक्कू सिंह से 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने के आरोपित मंटू शर्मा उर्फ प्रद्युम्न शर्मा की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) नंदनी ने खारिज कर दी है। उसे 30 सितंबर को पुलिस की विशेष टीम ने मुंबई के विले पार्ले इलाके से एक होटल से गिरफ्तार किया था। उसे एक अक्टूबर को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। उसकी ओर से वरीय अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार ने कोर्ट में बहस की। उन्होंने बताया कि इस आदेश के विरुद्ध जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में जमानत की अपील अर्जी दाखिल की जाएगी। इस मामले के एक अन्य आरोपित ओंकार सिंह को पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट से उसे जमानत मिल चुकी है।

अगस्त में मांगी गई थी रंगदारी

मिठनपुरा के नंदविहार कालोनी के प्रापर्टी डीलर विजेंद्र कुमार उर्फ विक्कू से अगस्त में 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में 19 अगस्त को प्रापर्टी डीलर ने मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी कराई थी। इसमें उसने कहा था कि इमली चौक पर 30 कठ्ठा जमीन का यशस्वी शंकर तिवारी से किया था। 10 मई को इसका एग्रीमेंट कराया था। उक्त जमीन पर काम शुरू किया। 11 जुलाई को उसके मोबाइल पर वीपीएन के माध्यम से काल की गई। काल करने वाले ने कहा कि वह गोविंद बोल रहा है। बेला व मिठनपुरा उसका इलाका है। इस क्षेत्र में जमीन का काम करोगे तो 50 लाख रुपये रंगदारी देनी होगी। 17 जुलाई को प्लाट पर ओंकार सिंह, गोविंद शर्मा व बाबुल चौधरी सहित पांच लोग हथियार के साथ पहुंचे और मजदूरों को मारपीट कर भगा दिया। 18 अगस्त को गोविंद शर्मा ने कई बार मोबाइल से काल की। उसे रिसीव किया तो कांफ्रेंस पर मंटू शर्मा को जोड़ा गया। मंटू शर्मा ने तरह-तरह का भय दिखाते हुए 50 लाख रुपये रंगदारी की मांग की थी।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh

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