दरभंगा, जासं। देश भर में चल रहे शीतलहर का असर ना केवल आम जन-जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसका आवागमन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसकी सबसे अधिक मार हवाई यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। दरभंगा एयरपोर्ट पर पिछले एक-दो हफ्ते से फ्लाइटों के रद होने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को भी दरभंगा एयरपोर्ट पर मात्र छह विमानों की आवाजाही हुई। इनसे आवागमन करने वाले कुल यात्रियों की संख्या 827 रही। दरभंगा एयरपोर्ट के आधिकारिक ट््िवटर हैंडिल से यह जानकारी साझा की गई है। यानि तीन फ्लाइटें ही यहां से उड़ान भर सकी। शेष विमानों की उड़ान रद रही।

विमानों के लगातार कैंसिल होने से यात्रियों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। मुंबई जाने वाले प्रशांत कुमार ने बताया कि खराब मौसम के कारण लगातार फ्लाइटें कैंसिल हो रही है। पहले इस बात की खुशी होती थी कि अब फ्लाइट पकडऩे पटना जाने के झंझट से मुक्ति मिली। लेकिन, जैसे ही ठंड का महीना शुरु होता है, फ्लाइटें कैंसिल होनी शुरू हो जाती है। इसके कारण यात्रियों को दरभंगा की बजाय पटना से फ्लाइट पकडऩे की मजबूरी होती है। इससे एक ओर जहां यात्रियों के जेब पर खर्च बढ़ता है, वहीं दूसरी ओर समय की बर्बादी होती है। बता दें कि पिछले करीब एक हफ्ते से रोजाना तीन-चार फ्लाइटें लगातार कैंसिल हो रही है।

दरभंगा एयरपोर्ट पर 36 यात्रियों की जांच, सभी निगेटिव

केवटी। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन व देश में तेजी से कोरोना संक्रमण के पाव पसारने को लेकर दरभंगा एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीम काफी सजग है। शनिवार को एयरपोर्ट पर पहुंचे 36 यात्रियों की रैपिड एंटीजन जांच की गई। हालांकि की सभी की रिपोर्ट आज निगेटिव आई। सीएचसी रनवे-केवटी के चिकित्सा पदाधिकारी डा. एमएस आलम के नेतृत्व में एयरपोर्ट पर तैनात पांच सदस्यीय मेडिकल टीम ने मुंबई और दिल्ली से पहुंचे यात्रियों की जांच की। डा.आलम ने बताया कि उक्त दोनों जगहों से पहुंचे यात्रियों की रैपिड एंटीजन जांच की गई । इसके अलावा 279 यात्री अपनी जांच पहले ही करा चुके थे। सभी के पास जांच रिपोर्ट थी।