मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। गोबरसही स्थित आइसीआइसीआइ बैंक लूट में शामिल लुटेरा गिरोह को चिह्नित कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सदर थाना के सीमावर्ती इलाका करजा व कांटी इलाके के लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया गया है। ये सभी हाल ही में जेल से निकले हैं। इन सभी लुटेरों की पहचान भी कर ली गई है। लुटेरे तक पहुंचने के लिए अब तक 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। इन सभी से पूछताछ पर लुटेरों की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिमी इलाके में सघन छापेमारी की जा रही है।

घटना के चौथे दिन गुरुवार की देर रात तक पुलिस को विशेष सफलता हाथ नहीं लगी है। इसके कारण लूट की रकम की जब्ती व लुटेरों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। विशेष टीम के पदाधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की देर रात तक करजा, पारू, देवरिया व कांटी थाना क्षेत्र में छापेमारी की जा रही थी। इस दौरान कई संदिग्धों से भी पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि जेल से निकलने के बाद इन सभी की लगातार सदर थाना क्षेत्र में बैठकी हो रही थी। इसी बीच रेकी कर लूट को अंजाम दिया।

एसएसपी जयंत कांत ने बताया कि जिले के ही लुटेरे इसमें शामिल है। सभी स्थानीय है। इन सभी की पहचान कर ली गई है। लूट की राशि की जब्ती व लुटेरों की गिरफ्तारी को कार्रवाई चल रही है। बता दें कि मामले में सकरा इलाके से हिरासत में लिए गए युवक को पूछताछ के बाद पीआर बांड पर छोड़ दिया गया। हालांकि वह पूर्व में दो बार लूट मामले में जेल जा चुका है। मालूम हो कि लूट के बाद मझौलिया इलाके से जब्त बाइक मामले में उसे हिरासत में लिया गया था, लेकिन सत्यापन के बाद उसे छोड़ा गया। इसके अलावा अन्य नौ संदिग्धों को अभी भी हिरासत में रखा गया है। बताते चले कि लूट में प्रयोग दोनों बाइक चक्कर मैदान व मझौलिया इलाके से जब्त की गई थी। बाइक की डिटेल्स खंगालने के बाद तार जोड़ते हुए लुटेरों की पहचान का दावा किया गया।

 

Edited By: Ajit Kumar