मुजफ्फरपुर, जासं। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में चार वर्षों से बंद पड़े हेल्थ सेंटर को फिर से शुरू किया जाएगा। सिंडिकेट की बैठक में इसकी स्वीकृति मिलने के बाद हेल्थ सेंटर को शुरू करने को लेकर कवायद हो रही है। विवि की ओर से बताया गया है स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है रहा है। शीघ्र ही करार कर सप्ताह में तीन दिन चिकित्सक के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। यह हेल्थ सेंटर 2017 तक कार्यरत था। यहाँ डॉ. करुणा मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सक नहीं आए। बताया जाता है कि यहां पहले छात्रावास में रहने वाले-छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों व प्राध्यापक को भी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती थीं। दवाएं भी निशुल्क मिलती थी और कुछ जांच भी किये जाते थे।

चिकित्सक नहीं पर कम्पाउंडर व कर्मी अब भी दे रहे सेवा 

बिहार विवि के हेल्थ सेंटर में विद्यार्थियों व कर्मचारियों का इलाज भले नहीं हो रहा हो पर यहां कम्पाउंडर व कर्मचारी चार वर्षों से सेवा दे रहे हैं। हेल्थ सेंटर के नाम पर प्रत्येक वर्ष बजट भी बनता है पर इसे शुरू करने की दिशा में प्रयास नहीं होता। छात्र संगठनों की ओर से लगातार हेल्थ सेंटर शुरू करने की मांग पर कुलपति ने इसपर विचार किया। साथ ही इसे सिंडिकेट की बैठक में रख स्वीकृति दिलाई है। हेल्थ सेंटर के कर्मी बताते हैं कि जब अमरेंद्र नारायण यादव यहां कुलपति थे तो इसे शुरू करने को लेकर पहल हुई थी। हेल्थ सेंटर के लिए उन्होंने सरकार, उच्च शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग को लिखा था, लेकिन उनके कार्यकाल के बाद किसी ने उस ओर ध्यान नहीं दिया।

कुलपति बोले : मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, शीघ्र शुरू होगा हेल्थ सेंटर

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय ने बताया कि हेल्थ सेंटर में शीघ्र छात्र, कर्मचारियों व प्राध्यापक को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसको लेकर सरकार व स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही दवाएं भी यहां पहले की तरह निशुल्क मुहैया कराई जाएगी।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh