मुजफ्फरपुर, जेएनएन। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के अलावा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को भी हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह 19 अप्रैल को है। पंडितों के अनुसार, उस दिन गज केशरी योग व चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस शुभ संयोग में बजरंग बली की आराधना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। हरिसभा चौक स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी पं.रवि झा व ज्योतिषविद् विमल कुमार लाभ बताते हैं कि हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उस दिन सुबह-शाम दोनों समय हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।

 यह दिन हनुमंत साधकों के लिए महापर्व के समान है। इस दिन बजरंग बली को विधि-विधान से सिंदूर का चोला चढ़ाने से हर बिगड़ा काम बन जाता है और साधक पर हनुमान जी की विशेष कृपा होती है। सदर अस्पताल स्थित मां सिद्धेश्वरी दुर्गा मंदिर के पुजारी पं.देवचंद्र झा बताते हैं कि यदि किसी के काम में लगातार बाधाएं आ रही हों और तमाम कोशिशों के बावजूद काम नहीं बन रहा हो तो हनुमान जन्मोत्सव के दिन बजरंग बली को इत्र और गुलाब की माला चढ़ाएं।

 संकटों से निजात पाने के लिए उस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमंत कवच का पाठ करना चाहिए। एक बात ध्यान रहे कि हनुमान चालीसा का पाठ करते समय मुंह हमेशा पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए। पूजा में उन्हें लाल पुष्प अर्पित करना चाहिए। 

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Posted By: Ajit Kumar