मुजफ्फरपुर से पटना 45 मिनट में, ड्राई पोर्ट और उद्योगों से बदलेगी बिहार की तस्वीर
Muzaffarpur industrial development : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर में 140.95 करोड़ के मेगा लेदर क्लस्टर का उद्घाटन किया, जिससे ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह। जागरण
HighLights
पानी और जवानी से बदलेगी बिहार की तस्वीर, 2030 तक 12 लाख लोगों को रोजगार का लक्ष्य
मुजफ्फरपुर में 140.95 करोड़ का मेगा लेदर क्लस्टर उद्घाटित।
ड्राई पोर्ट, डेटा सेंटर, तीव्र रेल सेवा पर जोर।
प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुुरुवार को मोतीपुर के महवल में 140.95 करोड़ की लागत वाले मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर तथा साझा सुविधा केंद्र (सीएफसी) का उद्घाटन किया।
इस दौरान उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना पर काम हो चुका है। बिजली, पानी और सड़क गांव-गांव में है। अब बिहार के विकास के लिए उद्योग चाहिए।
इंडस्ट्री से जुड़े लोग मानते हैं कि पालिसी बना कर बिहार में उद्योग खड़ा हो सकता है तो वे प्रस्ताव लाएं। उसका परीक्षण कर 30 दिनों में पालिसी बना देंगे। हमें उद्योग और बिहार के लोगों को रोजगार चाहिए। हमारे पास मजदूरों की बड़ी ताकत है।
दूसरे राज्यों की अर्थव्यवस्था को यहां के मजदूरों ने मजबूत किया है। नेपाल हमें बिना मांगे पानी दे रहा है।हम पानी और जवानी (युवा) को जोड़कर बिहार का विकास करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 12 लाख मजदूरों को यहीं रोजगार मिले।
डिजिटल आधारभूत संरचना और डेटा सेंटर के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा, बिहार में डिजिटल आधारभूत संरचना और डेटा सेंटर के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। हाल ही में पटना में कंट्रोल एस के 12 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का उद्घाटन हुआ है, मगर इतने से काम नहीं चलेगा। इस क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विस्तार करना होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 से पहले बिहार में एक हजार मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित किया जाए। इससे लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना बन सकती है।
50 मेगावाट या 100 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर भी यदि सुचारु रूप से काम करने लगें, तो राज्य को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और औद्योगिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
निवेशकों की पसंद मुजफ्फरपुर, संभावनाएं अधिक
सम्राट चौधरी ने कहा, निवेशकों की पहली पसंद मुजफ्फरपुर है। इसलिए यहां कारोबार और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन को उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए कहा कि जमीन आवंटन में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
खराब जमीन भी है तो उसे उद्योग के लायक बनाएं। वहीं भूमि अधिग्रहण में कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपनी जमीन सरकार को देना चाहता है, तो उसे निर्धारित राशि से 10 प्रतिशत अधिक भुगतान करने की नीति बनी है। उन्होंने कहा, मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट का काम शुरू हो गया है।
अब यहां ऐसी व्यवस्था विकसित करेंगे कि यहां के उत्पादों की पैकेजिंग और विपणन की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर पूरी हो। सामान सीधे देश-विदेश के बाजारों तक भेजा जा सके। मुजफ्फरपुर में ड्राई पोर्ट की सुविधाएं विकसित करेंगे।
इससे कारोबारियों को अपने उत्पाद दूसरे शहरों तक ले जाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके अलावा मुजफ्फरपुर से पटना होते हुए गयाजी तक रेल रैपिड सेवा पर काम हो रहा है।
इससे मुजफ्फरपुर से पटना 40 से 45 मिनट और गयाजी डेढ़ घंटे तक में जा सकेंगे। इसके अलावा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि गयाजी में इसके विकास की प्रक्रिया चल रही है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा में भी इस तरह के औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अगले पांच वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र को लगभग 10,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय राज्य में बिजली की खपत 500 मेगावाट भी नहीं थी। आज यह लगभग 10,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। अगले पांच वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र को लगभग 10,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे उद्योगों का विस्तार होगा और बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
महवल के मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर को सीएम ने बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कहा, इससे औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से बिहार की अर्थव्यवस्था में बदलाव आएगा।
सीएम ने क्लस्टर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों को शेड एवं भूमि आवंटन पत्र वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री के समक्ष उद्योग विभाग और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआइ) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, डीजीपी प्रीता वर्मा, सीएम सचिव संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, बियाडा के एमडी नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
