मुजफ्फरपुर, जेएनएन। जिला अंतर्गत कांटी थाना क्षेत्र के नरसंडा में गत महीने घर में सो रही किरण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले का पर्दाफाश करते हुए एसएसपी मनोज कुमार ने कहा कि किरण की सौतन संगीता ने ही कांट्रैक्ट किलर की मदद से उसकी हत्या कराई थी। इस मामले में चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें संगीता भी शामिल है।

    जांच के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से एक जैकेट, मिस फायर की हुई गोलियां, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किए। मोबाइल में महिला की अपराधियों से होने वाली बातचीत का रिकार्ड भी सुरक्षित मिला है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी ने कहा कि घरेलू विवाद में कांट्रैक्ट किलर की मदद से संगीता ने किरण की हत्या की साजिश रची थी। आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। शीघ्र चार्जशीट दायर कर स्पीडी ट्रायल से सजा दिलाने की कवायद की जाएगी।

गत माह हुई थी हत्या

27 जनवरी को नरसंडा स्थित घर में सोए अवस्था में किरण देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामला दर्ज किए जाने के बाद शुरू जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वीरेंद्र सहनी ने दो शादी की थी। पहली संगीता और दूसरी किरण से। किरण पहले से ही शादीशुदा थी। उसके दो बेटे व एक बेटी भी थी। बावजूद वीरेंद्र ने उससे शादी की।

किरण को जमीन रजिस्ट्री करने की बात संगीता को बुरी लगी

वीरेंद्र ने अपनी पहली पत्नी के नाम से स्कॉर्पियो खरीदी थी। दूसरी पत्नी किरण भी चाह रही थी कि उसके नाम से वाहन और कुछ अचल संपत्ति हो। दूसरी शादी के बाद वीरेंद्र का ध्यान पहली पत्नी की तरफ कम होने लगा था। यह बात संगीता को नागवार लगी।

   इसी बीच वीरेंद्र ने अपने हिस्से की कुछ जमीन किरण देवी के नाम रजिस्ट्री करने की सोची। इसकी जानकारी संगीता को भी मिली। इसके उसने कांट्रैक्ट किलर मंजूर आलम के साथ मिलकर एक लाख बीस हजार रुपये में किरण की हत्या की साजिश रची।

20 हजार रुपये एडवांस दिया था

गिरफ्तार चार आरोपितों में संगीता के अलावा मिठनसराय के मंजूर आलम, कोल्हुआ पैगम्बरपुर के मुनचुन पासवान, कंतू सहनी आदि शामिल हैं। सौदा तय होने के बाद बीस हजार एडवांस दिया गया। शेष राशि बाद में देेने की बात तय हुई थी। फिर इस घटना को अंजाम देने के लिए रेकी की गई।

   मकान के आगे सीसीटीवी लगे होने के कारण घर के पीछे से बांस के सीढ़ी से कमरे में प्रवेश कर किरण देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना में संलिप्त अन्य अपराधियों के नाम भी उजागर हो गए है। जिन सभी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य संकलन कर लिया गया है। लेकिन अनुसंधान बाधित होने की वजह से पुलिस ने पर्दाफाश नहीं किया है।

अंतरजिला गिरोह से हत्यारोपितों के जुड़े तार

गिरफ्तार आरोपितों के अंतरजिला गिरोह के अपराधियों से तार जुड़े है। मंजूर आलम डकैती के मामले में कई बार जेल जा चुका है। डकैती के दौरान बम विस्फोट होने से उसका दाहिना हाथ कट गया और आंख में भी गंभीर जख्म हो गया था। इसके कारण वह काफी दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा।

   स्वस्थ होने के बाद फिर से अपराध में शामिल हो गया। मुनचुन भी दरभंगा व मुजफ्फरपुर समेत कई जगहों से संगीन मामलों में जेल जा चुका हैं। छापेमारी टीम में डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद, कांटी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार, एकराम खां समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

 

Posted By: Ajit Kumar

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