मुजफ्फरपुर : हथौड़ी थाना क्षेत्र के नरमा लक्ष्मी चौक पर गोली मार कर व्यवसायी की हत्या से लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अपराधी अब घर में घुस गोली मारकर आराम से निकल जाते हैं। आगे- आगे गश्ती गाड़ी चलती है और पीछे अपराधी हत्या कर आराम से निकल जाते हैं। गुरुवार को घटना के पाच मिनट पहले हथौड़ी पुलिस का गश्ती दल दुकान के सामने से गुजरा था। गश्ती दल के जाने के तुरंत बाद अपराधी हत्या कर आराम से निकल गए। पिछले दिन भी दोपहर तीन बजे हथौड़ी पुलिस का गश्ती दल लालपुर पुलिया के निकट वाहन चेकिंग कर रहा था और एक किमी पहले बलुआहा चौक के निकट एक सीएसपी संचालक को गोली मारकर 35 हजार रुपये छीन लिया। हथौड़ी पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन आठ दिन बीतने के बावजूद खाली हाथ है। वैसे थानाध्यक्ष विनोद दास का दावा है कि गिरोह की पहचान कर ली गई है। लोगों का कहना है कि हथौड़ी थाना क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। पुलिस का कोई भय अपराधियों के बीच नहीं है।

चार माह में ही उजड़ गया मांग का सिंदूर

नरमा स्थित लक्ष्मी चौक पर दिनदहाड़े हुई युवा व्यवसायी की हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, मृतक के स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक सुधीर सहनी की नवविवाहिता रोते हुए सभी से पूछती है कि आखिर क्या कसूर था कि हत्यारे ने मेरे सुहाग की हत्या कर दी। उसकी रूलाई सुनकर सभी की आखें नम हो गई। सांत्वना देने जुटीं महिलाओं की आंखों में भी उसकी क्रंदन से आंसू भर गई। वे भी उसे सांत्वना देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहीं थीं। सुधीर की महज चार माह पूर्व शादी हुई थी। मा और पत्नी बेसुध पड़ी हैं। वहीं पिता जंगली सहनी का हाल बुरा है। वे हर्ट के मरीज हैं। हर व्यक्ति को एकटक निहारते रह जाते हैं। उनकी जुवा से एक शब्द भी निकलती है। सुधीर तीन भाइयों में मझला था। वही दुकान संभालता था। घटना को लेकर सभी की जुबां पर एक ही सवाल कि आखिर क्यों सुधीर की हत्या कर दी गई। इधर, घटना के बाद चौक पर स्थित दुकानदार दहशत में हैं। वहीं, सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में यहां व्यवसाय करना जोखिम भरा हो जाएगा।

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