मुजफ्फरपुर : अमर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा से बंदियों के भागने व पकड़े जाने के मामले की जांच के लिए सोमवार को जेल आइजी मिथिलेश मिश्रा पहुंचे। उन्होंने उस स्पॉट को देखा जहां दीवार के सहारे बंदियों ने भागने की कोशिश की थी। इसके बाद कक्षपाल और जेल के अंदर जाकर कई बंदियों से पूछताछ की। उनके डायरी में बयान दर्ज किए। आइजी ने कहा कि पांच कक्षपालों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एक होमगार्ड जवान को हटाया गया है। वहीं पूरे मामले पर जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है।

जेल आइजी के कारा में अचानक पहुंचने से अधिकारियों व कर्मियों के साथ बंदियों में अफरातफरी मच गई। वह करीब चार घंटे तक कारा में रुके। इस दौरान सुरक्षा को लेकर कई बिदुओं पर रणनीति तैयार की गई। कहा कि कुछ दीवारों की मरम्मत की जरूरत है। इसे जल्द कराने का निर्देश दिया। साथ ही कक्षपालों की संख्या बढ़ाने का भी उन्होंने संकेत दिया। कहा कि गत सप्ताह ही जिला प्रशासन की ओर से जेल की सुरक्षा को लेकर बैठक हुई थी। इसमें प्रशासन की ओर से कई बिदुओं पर रणनीति बनी है। इसी बीच यह घटना सामने आई। बंदियों के भागने की कोशिश कहीं न कहीं सुरक्षा में चूक है। इसे और दुरुस्त करने की कवायद चल रही है ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी घटना न हो। उन्होंने जेल के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान जेल अधीक्षक राजीव कुमार सिंह व जेलर सुनील कुमार मौर्य मौजूद थे। जेल अधीक्षक ने की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया।

बता दें कि रविवार की शाम दो बंदियों ने दीवार फांदकर भागने की कोशिश की थी। हालांकि जेल प्रशासन व स्थानीय थाने के सहयोग से दोनों को पकड़ लिया गया था। भागने की कोशिश करने वाले बंदियों में कांटी के जुम्मन मियां उर्फ कनकटवा और दुष्कर्म के आरोपित बंदी करजा रक्शा के अभिषेक सिंह शामिल हैं। सूचना पर एसडीओ पूर्वी डॉ. कुंदन कुमार व नगर डीएसपी रामनरेश पासवान भी जेल पहुंचकर छानबीन की थी। जेल आइजी के समक्ष आरोपितों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इधर, मामले में जेल अधीक्षक की ओर से मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें कांटी के सरमसपुर के जुम्मन मियां, करजा रक्शा के अभिषेक कुमार, सरैया नरगी जगदीश के रौशन कुमार सिंह, वैशाली के गोरौल तिरापुर के मो. आसिफ व मनियारी चकभिक्खी के मो. शहनवाज को आरोपित किया गया है।

Edited By: Jagran