मुजफ्फरपुर। करजा थाना के तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष बृजकिशोर प्रसाद यादव व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी। इसमें पुअनि रवि प्रकाश, कुमार अभिषेक, कुमार अभिषेक, राहुल रंजन कुमार, सिपाही गौतम कुमार, मंटू कुमार, जितेंद्र कुमार, सुनील कुमार व 10 अज्ञात पुलिसकर्मी शामिल है। प्राथमिकी दर्ज नहीं करने की करजा थानाध्यक्ष मणिभूषण की पुनरीक्षण अर्जी को जिला जज मनोज कुमार ने खारिज कर दिया है। इस मामले में करजा थाना के रूसुलपुर आधार गांव के हरिद्वार प्रसाद ठाकुर के परिवाद पर सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम) पश्चिमी के कोर्ट ने सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ ही जिला जज के कोर्ट में पुनरीक्षण अर्जी दाखिल की थी।

यह है मामला : हरिद्वार प्रसाद ठाकुर के अधिवक्ता कमलेश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को परिवाद दाखिल किया गया था। इसमें हरिद्वार प्रसाद ने कहा था कि वे भूतपूर्व सैनिक हैं। घटना 22-23 फरवरी की रात की है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर सभी आरोपित उसके दरवाजे पर पहुंचे और ग्रिल खोलने का दबाव देने लगे। डकैत समझ कर उनकी बहू कामिनी देवी टीन का बक्सा लेकर पीछे के दरवाजे से भागना चाही। बक्सा में 52 लाख चार हजार रुपये व दस लाख 50 हजार के दो सौ ग्राम सोना के गहने थे। ये रुपये जमीन बिक्री के थे। आरोपित बृजकिशोर प्रसाद यादव के कहने पर आरोपित रवि प्रकाश, अभिषेक व राहुल रंजन कुमार ने छीन कर अपने पास रख लिया। पुलिस कर्मियों ने उनके व परिवार के अन्य लोगों के साथ मारपीट की।

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