मुजफ्फरपुर। राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में यूजीसी मापदंड के अनुरूप नियुक्त महिला अतिथि सहायक प्राध्यापकों को नियमित नहीं किया जा रहा। इसके खिलाफ रविवार को महिला अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने अपने घरों में चूल्हा बंद कर एक दिन का उपवास किया।

बिहार अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ की अध्यक्ष डॉ. आलोका कुमारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शीघ्र सेवा नियमित करने का आग्रह किया है। जेपी विश्वविद्यालय छपरा की डॉ. प्रियंका कुमारी ने कहा कि कोरोना संकट में भी हम ऑनलाइन शिक्षण कार्य जारी रखी हुई हैं, लेकिन अभी तक लॉकडाउन अवधि का वेतन निर्गत नहीं किया गया है। जेपी विश्वविद्यालय, छपरा की डॉ. नीतू सिंह ने कहा कि हम बिहार सरकार से निवेदन करती हैं कि यूजीसी के निर्देशानुसार बिहार के अतिथि सहायक प्रोफेसरों को 50 हजार मासिक मानदेय शीघ्र निर्गत करे। डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. रीना कुमारी, डॉ. एम अल्ताफ, डॉ. मीरा कुमारी, डॉ. रेखा गुप्ता, डॉ. अनुपम अनूजा, डॉ. सोनी यादव, डॉ. स्नेहा चौपाल, डॉ. .कविता कुशवाहा आदि ने महिला अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ से मुख्यमंत्री को मिलने का आग्रह किया है। एसएसबी ने विद्यालय में पौधे लगा पर्यावरण रक्षा का लिया संकल्प एसएसबी सेक्टर हेडक्वार्टर की ओर से पर्यावरण रक्षा के लिए उत्तर बिहार में लाखों पौधे लगाए जाएंगे। हाल ही में गृह मंत्रालय ने विभिन्न जगहों पर पौधे लगाने का आदेश दिया है। मंत्रालय के आदेश पर एसएसबी सेक्टर मुख्यालय के डीआइजी के. रंजीत ने डीएवी बखरी के परिसर से रविवार को इसकी शुरुआत की। उक्त विद्यालय में उन्होंने कई फलदार और आयुर्वेदिक पौधे लगा कर पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया। पौधे लगाते समय कोविड-19 का ख्याल रखते हुए शारीरिक दूरी का पूरी तरह पालन किया गया। कार्यक्रम में सेक्टर मुख्यालय के सभी अधिकारी, बलकर्मी, विद्यालय के निदेशक एसके झा, प्रधानाचार्य एमके झा , अमित कुमार सहायक कमाडेंट प्रचार एवं स्कूल के अन्य कíमयों ने भाग लिया। इस अवसर पर उप महानिरीक्षक ने पौधारोपण को आवश्यक बताया।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021