मधुबनी, जासं। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के नाम से जिले के तीन मदरसों का फर्जी रिपोर्ट बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को भेजने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में इस बात का पर्दाफाश हो गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी नसीम अहमद ने बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के सचिव को वास्तविक वस्तुस्थिति से पत्र भेजकर अवगत करा दिया है। वहीं, संबंधित मदरसों के अध्यक्ष, सचिव व प्रधान मौलवी से डीईओ ने जवाब तलब भी किया है। डीईओ ने संबंधित मदरसों के अध्यक्ष, सचिव व प्रधान मौलवी से स्पष्टीकरण मांगा है कि गलत रिपोर्ट उनके द्वारा मदरसा शिक्षा को क्यों और कैसे भेजा गया। यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों नहीं छल, प्रपंच, धोखाधड़ी, जालसाजी एवं फरेब के लिए उनका निबंधन रद करने की अनुशंसा करते हुए उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, मधुबनी के नाम से आठ मई 2020 को तीन मदरसों से संबंधित फर्जी जांच रिपोर्ट बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को भेज दिया गया था। जिन तीन मदरसों का डीईओ कार्यालय के नाम से फर्जी जांच रिपोर्ट बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को भेजा गया था, उसमें बिस्फी प्रखंड क्षेत्र स्थित मदरसा मदरसातुल बनात, पुरोही, मदरसा मदरसातुल बनात खलीलीया, असुरा एवं मदरसा मदरसातुल बनात फजले उलूम, परसौनी शामिल हैं।

इस संबंध में बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के सचिव को वास्तविक वस्तुस्थित से अवगत कराने के लिए भेजे गए पत्र में डीईओ नसीम अहमद ने जिक्र किया है कि उक्त तीनों मदरसों का जांच रिपोर्ट मदरसा बोर्ड कार्यालय में 22 जून 2020 को उपलब्ध कराया गया प्रदर्शित है, जो डीईओ कार्यालय, मधुबनी से निर्गत पत्रांक एवं दिनांक नहीं है। निर्गत फार्मेट भी भिन्न है।

डीईओ कार्यालय के फॉन्ट से भी भिन्न फॉन्ट में जांच रिपोर्ट है। अनुलग्नक के प्रथम पृष्ठ पर किसी कर्मी एवं डीईओ का हस्ताक्षर भी नहीं है, जो यह स्पष्ट करता है कि गलत रिपोर्ट बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को भेजा गया था। जिला शिक्षा पदाधिकारी नसीम अहमद ने बताया कि जांच में रिपोर्ट फर्जी पाया गया। इस मामले से मदरसा शिक्षा बोर्ड के सचिव को अवगत कराया दिया गया है। वहीं, संबंधित मदरसों के अध्यक्ष, सचिव व प्रधान मौलवी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।