मुजफ्फरपुर, जासं। शहरी क्षेत्र में रात्रि गश्ती को धता बताते हुए शातिर चोरों द्वारा हर रात ताले तोड़े जा रहे है। मगर पुलिस की तरफ से चोराें की गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं तैयार की जा रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा कि चोरों की गिरफ्तारी के प्रति पुलिस की कोई रुचि नहीं है । तब तो शातिर चोरों द्वारा हाल के दिनों में डेढ़ करोड़ से अधिक की चोरी की जा चुकी है। मगर एक भी मामले में चोरों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है । रिकार्ड पर गौर करें तो दो दिनों में जहां अहियापुर में दो मोबाइल की दुकानों को निशाना बनाया गया । वहीं इसके पूर्व कई बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में सादपुरा इलाके में चाेरों ने उत्पात मचाकर रिटायर्ड दारोगा, रिटायर्ड इंस्पेक्टर व कोर्ट कर्मी के घर से करब एक करोड़ की संपत्ति की चोरी कर ली।

सादपुरा इलाके में कोर्ट कर्मी के बंद घर से करीब 37 लाख की संपत्ति की चोरी की गई। रिटायर्ड दारोगा के घर से 45 व रिटायर्ड इंस्पेक्टर के घर से 32 लाख की चोरी की गई। वहीं अहियापुर थाना क्षेत्र के जीरोमाइल के समीप दवा दुकान से करीब 30 लाख की संपत्ति की चोरी की गई। मिठनपुरा थाना क्षेत्र के छोटी कल्याणी इलाके में ड्राई क्लीनर्स कारोबारी के घर से दो लाख से अधिक की संपत्ति की चोरी कर ली गई। सदर थाना क्षेत्र के मझौली धर्मदास इलाके में एक दिन पूर्व पॉल्ट्री फॉर्म कारोबारी के बंद घर को शातिर चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने उनके घर से 20 हजार नकदी, आठ लाख के जेवरात समेत करीब नौ लाख की संपत्ति की चोरी कर ली। मगर सभी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा और कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है ।