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Bihar: डाक सेवा में बहाल होने आए 11 अभ्यर्थी गिरफ्तार, साइबर कैफे में बनाई फर्जी डिग्री, सबको 98-99 फीसदी मिले

मुजफ्फरपुर में जाली प्रमाणपत्र पर ग्रामीण डाक सेवक पद पर बहाल होने आए 11 अभ्यर्थियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी ने 98 से 99 अंक वाले जाली प्रमाणपत्र तैयार कराए थे। सत्यापन के दौरान सभी पकड़े गए।

By Jagran NewsEdited By: Aditi ChoudharyPublished: Wed, 22 Mar 2023 09:59 AM (IST)Updated: Wed, 22 Mar 2023 09:59 AM (IST)
Bihar: डाक सेवा में बहाल होने आए 11 अभ्यर्थी गिरफ्तार, साइबर कैफे में बनाई फर्जी डिग्री, सबको 98-99 फीसदी मिले

मुजफ्फरपुर, जागरण संवादददाता। जाली प्रमाणपत्र पर ग्रामीण डाक सेवक पद पर बहाल होने का बड़ा मामला पकड़ में आया है। जाली प्रमाणपत्र पर बहाल होने आए 11 अभ्यर्थियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। रेल डाक निरीक्षक की सूचना पर नगर थाने की पुलिस ने यह गिरफ्तारी की। इन अभ्यर्थियों ने 98 से 99 अंक वाले जाली प्रमाणपत्र तैयार कराए थे। इसके आधार पर उनका नाम चयन सूची में आया था। इसके सत्यापन में सभी पकड़े गए।

विदित हो कि सभी अभ्यर्थियों ने 27 जनवरी को ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) पद की बहाली का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आनलाइन आवेदन किया था। अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों की चयन सूची 19 फरवरी को जारी की गई थी। प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए इन लोगों ने मुजफ्फरपुर प्रधान डाकघर का विकल्प दिया था। प्रधान डाकघर के रेल डाक कार्यालय में प्रमाणपत्र का सत्यापन हो रहा है।

सोमवार को पांच अभ्यर्थी आए थे। रेल डाक निरीक्षक राजेश कुमार ने उनके प्रमाणपत्र को जब जाली बताया तो वे लोग वहां से चले गए। मंगलवार को फिर 11 अभ्यर्थी पहुंचे। सभी प्रमाणपत्रों को सही बताकर अधिकारी पर दबाव बनाने लगे। उसके बाद पुलिस बुलाकर सबको गिरफ्तार किया गया। 

ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा का मामला

जाली प्रमाणपत्र की रेल डाक निरीक्षक ने बारीकी से जांच शुरू की तो पता चला कि झारखंड के बोकारो इंडस्ट्रियल एरिया हाईस्कूल से पास होने का सभी ने प्रमाणपत्र बनवाया है। 2004-2005 में 10वीं पास आउट, उसके पांच साल पहले और बाद के पास आउट करने वाले का प्रमाणपत्र एक जैसा था। हस्ताक्षर भी एक तरह का ही पाया गया। सभी के अंक भी 98-99 प्रतिशत हैं। इस पर अधिकारियों ने सभी प्रमाणपत्रों को रिजेक्ट कर अभ्यर्थियों को पुलिस के हवाले कर दिया। 

साइबर कैफे वाले ने दिया था बहाली का भरोसा, रो पड़े अभ्यर्थी

पुलिस गिरफ्त में आने के बाद कुछ अभ्यर्थी रो पड़े। एक अभ्यर्थी ने कहा कि साइबर कैफे वाले की जाल में फंस गए। बोला था कि तीन लाख रुपये लगेगा। बहाली होने के बाद पैसा देना होगा। सभी का सर्टिफिकेट बोकारो इंडस्ट्रीज एरिया के हाईस्कूल से बना दिया गया। ज्ञात हुआ कि उसने अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र एमडी साइबर कैफे, छपरा बाजार से बनवाकर आवेदन किया था। बताया कि नौकरी के पश्चात इस कागजात का पूरा पैसा 2.5 लाख व्यक्तिवार दे दीजिएगा। इसका रोल कोड 25027 है। 

इन अभ्यर्थियों की हुई गिरफ्तारी

-मुकेश कुमार पिता दशरथ सिंह, ग्राम अमीरपुर, थाना नवानगर, जिला बक्सर 

 -विवेक कुमार तिवारी पिता तारकेश्वर तिवारी उर्फ ठाकुर तिवारी बाम कुडोर पोस्ट चांदपारस, थाना दरौंदा, जिला सिवान 

 -जितेश कुमार पिता गणेश साह, ग्राम हरिपुर, थाना दरेनी, जिला सारण (छपरा) 

- राजन कुमार पिता गोपालजी साह ,ग्राम पोस्ट शेर, थाना- सिधवलिया, जिला गोपालगंज 

- संदेश कुमार पिता रामबली राय, ग्राम मायाटोला, थाना खैरा, जिला सारण (छपरा) 

-बादल कुमार पिता सत्येंद्र महतो, ग्राम मोदनगाछी, पोस्ट थाना मोकामा, जिला पटना 

-राकेश कुमार पांडेय पिता नंद किशोर पांडेय, ग्राम इनामीपुर, पोस्ट नवादा, थाना जलालपुर, जिला सारण (छपरा) 

-दिलीप कुमार यादव पिता बाबुना यादव, ग्राम रामपुरकलां, पोस्ट बेलही खास, थाना कटैया, जिला गोपालगंज। 

-धनोज कुमार ठाकुर पिता बिरेन्द्र ठाकुर, ग्राम पोस्ट जलालपुर, जिला सारण (छपरा) 

-अमन कुमार पिता शैलेश कुमार सिंह, पोस्ट थाना बनियापुर, जिला सारण (छपरा) 

-विवेक कुमार पिता सुरेश सिंह, ग्राम गौन्दरी, पोस्ट थाना तरैया, जिला सारण (छपरा)


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