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कांटी थर्मल में कोयला संकट से 390 के बदले 250 मेगावाट ही उत्पादन

कांटी थर्मल पावर पर कोयला का संकट छाया हुआ है। कांटी थर्मल पावर की चारों यूनिटों से 610 मेगावाट उत्पादन की क्षमता है।

By JagranEdited By: Published: Sun, 10 Oct 2021 05:30 AM (IST)Updated: Sun, 10 Oct 2021 05:30 AM (IST)
कांटी थर्मल में कोयला संकट से 390 के बदले 250 मेगावाट ही उत्पादन

मुजफ्फरपुर। कांटी थर्मल पावर पर कोयला का संकट छाया हुआ है। कांटी थर्मल पावर की चारों यूनिटों से 610 मेगावाट उत्पादन की क्षमता है। कांटी थर्मल की दो यूनिटों के पावर पर्चेज एग्रीमेंट को राज्य सरकार से नवीकरण नहीं हुआ। इस कारण करीब एक माह पहले दो यूनिट को बंद कर दिया गया। उन दोनों यूनिट 220 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। इधर दो यूनिटों में 390 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था, लेकिन कोयले की कमी के कारण 250 मेगावाट ही बिजली का उत्पादन हो रहा है। कोयले की कमी से क्षमता से कम उत्पादन हो रहा है।

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390 मेगावाट उत्पादन के लिए सात हजार टन कोयले की जरूरत : कांटी थर्मल के दो यूनिटों में 390 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए सात हजार टन प्रतिदिन कोयले की जरूरत पड़ती है। रेल के एक अधिकारी के अनुसार डेढ़ रैक में कोयला प्रतिदिन ात हजार टन कोयला कांटी थर्मल पावर को जाता था। किल्लत के कारण वर्तमान में चार हजार टन कोयला ही कांटी थर्मल को मिल रहा।

कांटी थर्मल की बंद दो यूनिट जल्द खुलने की उम्मीद : ऊर्जा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए कांटी थर्मल की बंद 110-110 मेगावाट क्षमता वाली यूनिटों को सरकार शीघ्र चालू करेगी। सरकार इनके पावर पर्चेज एग्रीमेंट नवीकरण की तैयारी में है। दो से चार दिनों के अंदर सरकार इसकी घोषणा कर देगी। इसके बाद कांटी की बंद दोनों यूनिटों में 220 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे बिजली का संकट नहीं होगा।


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