मुजफ्फरपुर, जासं। हमारे सामने सार्वजनिक स्थानों व सड़कों के किनारे नल से पानी बर्बाद होता रहता है और हम देखकर भी इसे बंद किए बिना निकल जाते हैं। वहीं जब पानी हमें नहीं मिलता तो हम शासन-प्रशासन को कोसते हैैं। हमारा यह दोहरा मापदंड जल संकट का कारण बनता है। इसलिए यह जरूरी है कि हम नलों से होने वाली पानी की बर्बादी को रोके। पानी की बर्बादी रोकना सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं हम सबकी भी है। दैनिक जागरण के सहेज लो हर बूंद अभियान के तहत गुरुवार को ये बातें प्रबुद्ध लोगों ने कहीं। 

वुशू के अंतरराष्ट्रीय कोच दिनेश मिश्रा ने कहा कि रेलवे स्टेशन हो या बस स्टैंड या फिर सरकारी कार्यालयों में लगा सार्वजनिक नल, टेप के अभाव में इससे लगातार पानी बहता रहता है। कई लोग नल से पानी लेने के बाद उसे खुला छोड़ देते हैं। यह भी नहीं सोचते कि यह पानी उनके लिए कितना जरूरी है। भविष्य में हम पानी के लिए भटकना नहीं चाहते तो अभी से सचेत हो जाना चाहिए। जहां भी खुला नल देखें बंद कर दें।

पूर्व वार्ड पार्षद त्रिभुवन राय ने कहा कि शहर में निगम के एक हजार से अधिक सार्वजनिक नल हैैं। इनमें से आधे से अधिक टोटी विहीन हैं। इससे पूरे दिन पानी बेकार में बहता रहता है। निगम द्वारा टोटी लगाई जाती है, लेकिन असामाजिक तत्व उसे खोलकर ले जाते हैं। थोड़े से पैसे के लालच में कीमती पानी को बर्बाद कर देते हंै। इसके लिए आसपास के लोगों को सजग होना होगा ताकि टोटी चोरी करने वाले सफल नहीं हो सकें। समाजसेवी मनीष कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भी नालों की टोटी चोरी कर ली जाती हैं। बिना टोटी वाले नलों से दिन-रात पानी गिरकर बर्बाद होता रहता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी पानी की बर्बादी रोकने के लिए गंभीर होना होगा।