विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुजफ्फरपुर में तेंदुए ने किया दर्जनों लोगों को जख्मी, घंटों मशक्कत के बाद पकड़ा गया

By Ravi RanjanEdited By:
Published: Fri, 24 Feb 2017 03:02 PM (IST)Updated: Sat, 25 Feb 2017 10:45 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में बाघ के हमले से पांच लोगों के घायल होने की सूचना है। इस खबर के बाद लोगों में दहशत व्याप्त हो गया है।

मुजफ्फरपुर में तेंदुए ने किया दर्जनों लोगों को जख्मी, घंटों मशक्कत के बाद पकड़ा गया
मुजफ्फरपुर में तेंदुए ने किया दर्जनों लोगों को जख्मी, घंटों मशक्कत के बाद पकड़ा गया

मुजफ्फरपुर [जेएनएन]। कुढऩी प्रखंड के मनियारी थाना क्षेत्र के छितरौली में शुक्रवार को तेंदुआ ने हमला कर एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को जख्मी कर दिया। घायलों में दया सहनी, चंद्रकेतु उर्फ चंदू, मुकेश सिंह, मुंडन सहनी सहित अन्य शामिल हैं। इसमें चंदू ज्यादा जख्मी बताए जा रहे। सूचना पर पहुंची वन विभाग व पटना चिडिय़ाघर से ट्रैकुलाइजर गन के साथ सात विशेषज्ञों की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से उसे धर दबोचा। वन अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ पश्चिमी चंपारण के वाल्मिकीनगर टाइगर रिजर्व से भटकते हुए पहुंच गया था।

देखते ही कर दिया था हमला
जख्मी चंद्रकेतु उर्फ चंदू ने बताया कि वे कदाने नदी के किनारे टहल रहे थे। वहीं एक महिला ने उन्हें रोका। कहा कि उधर मत जाइए, बाघ की तरह दिखने वाला एक जंगली जानवर घूम रहा है। वह उसकी तरह ही दहाड़ता भी है। यह सुनने के बाद वे उत्सुकतावश उसे देखने आगे बढ़े ही थे कि हाथ, पीठ व पैर पर पंजे से हमला कर जख्मी कर दिया। किसी तरह जान बचाकर वहां से भागा। जब यह सूचना अन्य ग्रामीणों दया, मुकेश व मुंडन को मिली, तो वे भी उसे देखने वहां पहुंच गए। उसने उनपर भी हमला कर जख्मी कर दिया। इसके बाद वह गेहूं के खेत में छिप गया।

 यह भी पढ़ें:  महाशिवरात्रि पर बिहार के इस सैंड आर्टिस्ट ने बनाई भगवान शिव की भव्य मूर्ति
दिनभर दहशत में रहे ग्रामीण
घटना के बाद ग्रामीणों में उसके पकड़े जाने तक दहशत रहा। लोग अकेले कहीं आ-जा नहीं रहे थे। घर के आगे भी समूह बनाकर रह रहे थे। ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए गेहूं के खेत के चारों तरफ नाकेबंदी कर दी। बड़ा जाल मंगाकर उसे पकडऩे की कोशिश करते रहे।

इस घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम डीएफओ बीपी गुप्ता, रेंजर इंदर राम के नेतृत्व में वहां पहुंची। इधर, मनियारी, फकुली सहित कई थानों की पुलिस भी कैंप कर रही थी। पटना चिडिय़ाघर से ट्रैकुलाइजर गन के साथ विशेषज्ञ बुद्धन मियां के नेतृत्व में सात सदस्यीय दल शाम चार बजे पहुंचा। फिर उसे पकडऩे का अभियान तेज हुआ।

पकड़ाने के बाद भी किया कई को जख्मी
वन विभाग पटना से आई विशेषज्ञों की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से जाल के सहारे गेहूं के खेत में घुसकर उसे पकडऩे की कार्रवाई तेज की। जल्द ही उन्हें सफलता हाथ लगी, लेकिन तेंदुआ के दहाड़ते ही भय से ग्रामीणों ने जाल छोड़ दिया, जिससे वह भाग निकला। हालांकि, कुछ देर बाद करीब पांच बजे दोबारा उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद जैसे ही ग्रामीण उसे देखने जाल के करीब पहुंचे, उसने हमला कर कई को मामूली जख्मी कर दिया। वन विभाग के कर्मियों ने बेहोशी की सूई दे दी।

यह भी पढ़ें:  लालू बोले- गधा एक बार बोलता है, पीएम मोदी 24 घंटे बोलते हैं