मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न कालेजों में संचालित वोकेशनल कोर्स में दाखिले के लिए इस वर्ष भी प्रवेश परीक्षा के आयोजन पर संशय है। विवि की ओर से कहा गया था कि इस वर्ष केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा का आयोजन होगा। इसके बाद मेधा सूची जारी होगी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण नामांकन की प्रक्रिया पहले ही दो से तीन महीने विलंब से शुरू हुई है। ऐसे में प्रवेश परीक्षा, परिणाम, मेधा सूची और इसके बाद नामांकन में काफी समय बीत जाएगा। फिलहाल 30 जून तक छात्रों को आवेदन का समय दिया गया है। अधिकतर कालेजों में वोकेशनल कोर्स के प्रति इस वर्ष छात्रों का काफी कम रूझान देखने को मिल रहा है। सीसीडीसी प्रो.अमिता शर्मा ने बताया कि जबतक कालेजों और विश्वविद्यालय के विभागों को पूर्ण रूप से संचालित करने की छूट नहीं मिलती किसी प्रकार की परीक्षा का आयोजन करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वोकेशनल कोर्स में यदि सीट से कम आवेदन आते हैं तो प्रवेश परीक्षा की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जबकि, किसी-किसी कोर्स में सीट से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर अंकों को वरीयता देते हुए नामांकन लिया जा सकता है। बता दें कि विवि के सभी कालेजों को मिलाकर वोकेशनल के लिए करीब 10 हजार सीटें निर्धारित हैं। प्रक्रिया शुरू होने के बाद अबतक 10 फीसद से भी कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। कई कोर्स में तो अबतक एक भी छात्रों ने आवेदन नहीं किया है। सभी कालेजों में बीबीए, बीसीए, बीएमसी, सीएनडी, बिलीस, फिश एंड फिसरीज, इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी समेत अन्य कोर्स में दाखिले के लिए काउंटर पर फॉर्म मिल रहा है। कुछ कालेजों की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन की भी सुविधा है।

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