मुजफ्फरपुर, जेएनएन। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 2020-21 में 10वीं बोर्ड के छात्रों को पास करने के कई अवसर प्रदान करेगा। सीबीएसई के अनुसार विद्यार्थी अगर तीन अनिवार्य विषयों (गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान) में से अगर किसी एक में असफल हो गए तो उनको वैसे विद्यार्थियों को छठे विषय से उसे रिप्लेस कर सकते हैं।

अंक में सुधार के लिए कंपार्टमेंटल

शर्त के अनुसार छठा विषय कोई स्किल सब्जेक्ट होना चाहिए। इसके अलावा दो अनिवार्य भाषाओं हिन्दी और अंग्रेजी में फेल हो गए तो छठे विषय के तौर पर तीसरी भाषा लिया हो तो उसे रिप्लेस कर सकते हैं। बोर्ड विद्यार्थियों को उस अनिवार्य विषय में पास करने का मौका भी कंपार्टमेंटल में देगा। विद्यार्थी अपने अनिवार्य विषय के अंक में सुधार के लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा दे सकते हैं। यह सुविधा अगले सत्र में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी। बोर्ड ने छठे विषय के तौर पर स्किल विषयों को शामिल किया है। इसके तहत छात्र 28 विषय होंगे। इसके अलावा 41 भाषाएं पढऩे का मौका दिया गया है।

प्रश्न पत्र के पैटर्न में किए गए ये बदलाव

अमूमन देखा जाता है कि, कई बच्चे बांकी विषयों में अच्छे अंक लाते हैं, लेकिन उनकी भाषा विषय पर पकड़ खराब होने से कई बार भाषा में ही फेल हो जाते हैं। इसमें अंग्रेजी के साथ हिन्दी भी शामिल हैं। ऐसे बच्चोंं का साल बर्बाद न हो, इसके लिए तीसरी भाषा को रिप्लेस करने का मौका दिया जा रहा है।  

Posted By: Ajit Kumar

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