मुजफ्फरपुर, जेएनएन। Muzaffarpur Flood News : जलस्तर में गिरावट के बावजूद बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक का जलस्तर बुधवार को भी खतरे के निशान के पार रहा। इधर, बाढ़ के चलते सकरा, मुरौल, सरैया, मुशहरी, कांटी, मोतीपुर, बोचहां, औराई व मीनापुर के इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। महमदपुर कोठी में तटबंध टूटने के कारण बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में तेजी से फैल रहा है। बूढ़ी गंडक के उत्तरी तटबंध अंतर्गत मीनापुर, अहियापुर, बोचहां व बंदरा तथा दक्षिणी तटबंध अंतर्गत मोतीपुर, कांटी, मुशहरी, मुरौल व मुजफ्फरपुर शहर तक दर्जन भर स्थानों पर तटबंध पर दबाव बना हुआ है। बाढ़ का पानी शहर के नए इलाकों में फैल रहा है। प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। अभियंताओं, प्रशासनिक टीम और एनडीआरएफ की टीम लगातार काम कर रही हैं। डीपीआरओ कमल ङ्क्षसह ने बताया कि डीएम डॉ. चंद्रशेखर ङ्क्षसह के निर्देश के आलोक में प्रशासनिक टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। बताया कि बूढ़ी गंडक समेत अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। लेकिन, जलस्तर में वृद्धि की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।

नए इलाकों में पसरा बूढ़ी गंडक का पानी

जलस्तर में कमी के बावजूद बूढ़ी गंडक नदी का पानी शहरी क्षेत्र के नए इलाकों में फैल रहा है। बाढ़ का पानी शहर के मेडिकल, अहियापुर, अखाड़ा घाट, आश्रम घाट, कोल्हूआ, पैगंबरपुर, विजय छपरा, कोल्हुआ, पैंगंबरपुर, विजय छपरा, विजय छपरा, पुरानी जीरोमाइल, मिठनसराय, हनुमंत नगर, गांधीनगर, बालूघाट, लकड़ीढाई, झीलनगर, शेरपुर ढ़ाव, सत्संगनगर, राहुलनगर, मुशहरी तथा कांटी के इलाकों में तेजी से पसर पसर रहा है। हजारों की आबादी बाढ़ के पानी से घिरी है। जबकि, बड़ी संख्या में बाढ़ पीडि़त हाईवे, रेलवे स्टेशन और तटबंधों पर ङ्क्षजदगी काट रही है।

बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 15 सेमी की गिरावट

बागमती और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बावजूद इसके दोनों नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही है। पिछले तीन दिनों से बूढ़ी गंडक के जलस्तर में गिरावट हो रही है। पिछले 24 घंटे में बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में 0.15 सेमी की गिरावट हुई है। बुधवार की शाम सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 52.53 मीटर से 0.84 सेमी उपर 53.37 मीटर दर्ज किया गया। कटौझा में बागमती नदी खतरे के निशान से 1.04 मीटर उपर बह रही है। यहां 0.11 सेमी की गिरावट के साथ जलस्तर 55.14 मीटर दर्ज किया गया। बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 48.68 से 0.92 सेमी उपर 49.60 मीटर दर्ज किया गया है। रेवाघाट में गंडक नदी खतरें के निशान से 30 सेमी नीचे बह रही है। यहां का जलस्तर 54.11 मीटर दर्ज किया गया। 

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