मुजफ्फरपुर : एंबुलेंस चालकों ने जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय के समक्ष शुक्रवार को प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। वे हटाए गए पांच कर्मियों की वापसी की मांग कर रहे थे। संघ के अध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि अगर उनकी मांग को नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। वे लोग एक प्राइवेट कंपनी के लिए एंबुलेंस चालक का काम करते हैं। कुछ दिन पूर्व कंपनी के अधिकारियों ने बेबुनियाद आरोप लगाकर पांच कर्मियों को सेवा से हटा दिया है। उनके द्वारा एंबुलेंस कर्मियों पर नेतागिरी और गुटबा•ाी करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप बिल्कुल गलत है। 22 जनवरी से लेकर छह फरवरी तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। अगर मांगें नहीं पूरा हुई तो सात फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगा। मौके पर संघ के रीतेश सिंह, मृत्युजंय कुमार, आशुतोष कुमार, मो.अनवर, आलोक सिंह, नवीन कुमार, गोपाल कुमार, नवल कुमार, कृष्णमोहन कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, पंकज कुमार, मुन्ना मार, मो.कैश आदि शामिल रहे। इधर सिविल सर्जन डा.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि जिला कार्यक्रम प्रबंधक से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।

ये हैं प्रमुख मांगें

-हटाए गए कर्मियों की अविलंब वापसी हो।

- एंबुलेंस कर्मियों को बोनस का भुगतान किया जाए।

- चार माह से लंबित वेतन का भुगतान किया जाए।

- कर्मियों के वेतन से कटौती नहीं कि जाए। भविष्य निधि का हिसाब अद्यतन किया जाए।

आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद, बच्चों को मिलेगा पोषाहार

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। हालांकि इस दौरान सेविका व सहायिकाएं केंद्र पर उपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करेंगी। बच्चों को गरम पोषाहार दिया जाएगा। पोषाहार लेकर बच्चे घर जाएंगे। इस संबंध में आइसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चांदनी सिंह ने आदेश जारी किया है।

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