दरभंगा, जासं। छात्र-छात्राओं के अकादमिक जीवन में इंटर का रिजल्ट काफी मायने रखता है। विज्ञान स्ट्रीम के परीक्षार्थियों के लिए रसायन शास्त्र की तैयारी इसलिए भी अहम होती है क्योंकि इसके माध्यम से उन्हें इंजीनियरिंग और मेडिकल के अलावा अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाने का अवसर मिलता है। रसायन शास्त्र की परीक्षा तीन फरवरी को प्रथम पाली में होगी। तैयारी तो हर परीक्षार्थी कर रहा है, लेकिन अब जब समय कम बच गया है तब तैयारी की तकनीक भी बदलनी होगी।

रसायन शास्त्र के विशेषज्ञ शिक्षक मनु कुमार ने परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि रसायन शास्त्र में फिजिकल के अलावा आर्गेनिक व इन-आर्गेनिक चैप्टर से प्रश्न रहेंगे। तीनों को अलग-अलग कर पूरे मनोयोग के साथ तैयारी में लग जाएं। इसमें जो ङ्क्षबदु समझ में नहीं आता है, उसे अलग से चिन्हित कर लें। उसपर अपने मार्गदर्शक शिक्षक से सलाह लें। परीक्षा भवन में जब जाएं तो सबसे पहले वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। दीर्घउत्तरीय प्रश्नों को भी बहुत लंबा लिखने का प्रयास नहीं करें।

अधिकतम 150 शब्दों में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का उत्तर देने से भी सही सही अंक प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा संक्षिप्त प्रश्नों का उत्तर भी संक्षिप्त में लिखने का प्रयास करें। इसे 30 शब्दों में भी निबटाया जा सकता है। इसका दो लाभ होगा आपको दूसरे प्रश्नों के उत्तर देने में भी सुविधा होगी और इसके लिए समय भी पर्याप्त मिलेगा । पूर्णांक के अनुसार आपको अधिक अंक भी मिलेगा।

एनसीईआरटी की पुस्तकें तो सबसे अधिक लाभदायक है लेकिन सहायक पुस्तक से भी सहयोग लेकर अब रीविजन करते रहें। आपकी तैयारी पूरी है, यह विश्वास रखें। अपने आत्मविश्वास को डिगने नहीं दें। तैयारी करते समय यह नहीं देखें कि आपको केवल बोर्ड परीक्षा में ही बेहतर करना है बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर अंक प्राप्त करने की तैयारी करने का का यही सबसे अ'छा अवसर है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh