दरभंगा, जासं। इंटरमीडिएट परीक्षा छात्र छात्राओं के कॅरियर की रीढ़ मानी जाती है । विशेष रूप से विज्ञान स्ट्रीम के परीक्षार्थियों के लिए भौतिकी की तैयारी इसलिए भी अहम होती है कि इसके माध्यम से उन्हें इंजीनियरिंग और मेडिकल के अलावा अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में अपना भाग्य आजमाने का अवसर मिलता है। परीक्षा में अब गिनती के दिन बच गए हैं। तैयारी तो हर परीक्षार्थी कर रहा है लेकिन अब जब समय कम बच गया है तब तैयारी की तकनीक भी बदलनी होगी।

भौतिकी के विशेषज्ञ शिक्षक और ए ट्रीकी एप्रोच के लेखक डी.के धर्मात्मा ने परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि भौतिकी में थ्योरी को अलग करने और न्यूमेरिकल के चैप्टर को अलग कर लें । दोनों को अलग अलग कर पूरे मनोयोग के साथ तैयारी में लग जाएं । इसमें जो बिंदु समझ में नहीं आता है, उसे अलग से चिन्हित कर लें। उसपर अपने मार्गदर्शक शिक्षक से सलाह लें। परीक्षा भवन में जब जाएं तो सबसे पहले वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें । दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को भी बहुत लंबा लिखने का प्रयास नहीं करें।

अधिकतम 150 शब्दों में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का उत्तर देने से भी सही सही अंक प्राप्त किया जा सकता है । इसके अलावा संक्षिप्त प्रश्नों का उत्तर भी संक्षिप्त में लिखने का प्रयास करें । इसे 30 शब्दों में भी निबटाया जा सकता है । इसका दो लाभ होगा आपको दूसरे प्रश्नों के उत्तर देने में भी सुविधा होगी और इसके लिए समय भी पर्याप्त मिलेगा । पूर्णांक के अनुसार आपको अधिक अंक भी मिलेगा । एनसीईआरटी की पुस्तकें तो सबसे अधिक लाभदायक है लेकिन सहायक पुस्तक के रूप में अरिहंत प्रकाशन एक सैम्पल पेपर से सहयोग लें और फिजिक्स ए ट्रीकी एप्रोच को भी देखते रहें । आपकी तैयारी पूरी है । यह विश्वास रखें। अपने आत्मविश्वास को डिगने नहीं दें।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh