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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुजफ्फरपुर के मेयर चुनाव से 48 घंटे पूर्व अज्ञातवास पर जा सकते हैं पार्षद

By Ajit KumarEdited By:
Published: Wed, 24 Nov 2021 08:45 AM (IST)

मतदान से 48 घंटे पूर्व दो दर्जन पार्षद अज्ञातवास को भेजे जा सकते हैं। इसकी तैयारी भी चल रही। कारण ...और पढ़ें

महापौर चुनाव को तीन दिन शेष, उम्मीदवारों ने लगाया जोर।
महापौर चुनाव को तीन दिन शेष, उम्मीदवारों ने लगाया जोर।

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। महापौर चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही नगर निगम का तापमान बढ़ते जा रहा है। एक ओर जहां जिला प्रशासन चुनाव की तैयारी में लगा है वहीं महापौर पद के उम्मीदवार पार्षदों का समर्थन पाने के लिए एड़ी-चोटी एक किए हुए हैं। वहीं अपने-अपने खेमे की जीत सुनिश्चित करने के लिए शहर के राजनीतिक आका पर्दे के पीछे से रणनीति पर काम कर रहे हैं। मतदान से 48 घंटे पूर्व दो दर्जन पार्षद अज्ञातवास को भेजे जा सकते हैं। इसकी तैयारी भी चल रही। कारण दोनों खेमा भितरघात की आशंका से सहमा हुआ है। महापौर पद के दोनों उम्मीदवार वार्ड सात के पार्षद राकेश कुमार एवं वार्ड 46 के पार्षद नंद कुमार प्रसाद साह के बीच है। दोनों लगातार पार्षदों के घर दरवाजा खटखटा रहे हैं। 

महापौर का कुर्सी पहली नंबर से खाली है। तत्कालीन महापौर सुरेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर को अविश्वास प्रस्ताव आया था जिसमें उनकी हार हो गई थी। दोनों उम्मीदवार लगातार पार्षदों से संपर्क कर जीतने पर अपने राजनीतिक एजेंडे की अवगत करा रहे हैं। खेमा में रहने के बाद भी अधिकांश पार्षद अपने-अपने फायदे एवं नुकसान का आकलन कर रहे हैं। उसके बाद कई के पाला बदलने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं दोनों उम्मीदवार मतदान के दौरान भीतर घात की आशंका से सहमे हुए हैं। दो चार पार्षद के पाला बदलने से परिणाम बदल सकता है। दोनों उम्मीदवारों के साथ-साथ शहर की राजनीति के बड़े खिलाड़ी भी पर्दे के पीछे से राजनीति बनाने में लगे हुए हैं। उनकी नजर महापौर चुनाव के बहाने किंग मेकर की कुर्सी पर है।  

पंसस पद के प्रत्याशी ने जान मारने की धमकी का विधायक पर लगाया आरोप

मुजफ्फरपुर : पारू प्रखंड के एक पंचायत के पूर्व पंचायत समिति सदस्य व प्रत्याशी ने साहेबगंज विधायक राजू कुमार ङ्क्षसह पर मोबाइल फोन पर चुनाव नहीं लडऩे की बात कहते हुए जान मार देने की धमकी का आरोप लगाया है। मामले में पीडि़त ने देवरिया थाने मे आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को उनके मोबाइल फोन पर चुनाव लडऩे से मना करते हुए गाली दिया गया। साथ ही जान मारने की धमकी दी गई। इसका आडियो भी पुलिस को दिया गया है। थानाध्यक्ष संजय स्वरूप ने शिकायत मिलने की बात बताते हुए कहा कि इसकी जांच की जा रही है। इधर, विधायक राजू कुमार ङ्क्षसह ने कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार है। राजनीति साजिश के तहत गलत आरोप लगाकर वाहवाही बटोरने की कोशिश की जा रही है।