मुजफ्फरपुर : महापौर सुरेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए होने वाली बैठक को अब पांच दिन शेष हैं। जैसे-जैसे बैठक की तिथि नजदीक आ रही है नगर निगम की राजनीति का तापमान बढ़ रहा है। एक ओर जहां महापौर विरोधी खेमा अपने पक्ष में पार्षदों को गोलबंद करने में लगा है। वहीं, दूसरी ओर महापौर न्यायालय के भरोसे चल रहे हैं। उनको उम्मीद है कि वार्ड छह के पार्षद जावेद अख्तर द्वारा पटना उच्च न्यायालय में दायर याचिका उनके लिए राहत का संदेश लेकर आएगी। साथ ही वे भी अपने पक्ष में पार्षदों को गोलबंद करने के लिए दिग्गजों की मदद ले रहे है। उनको उम्मीद है कि वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

महापौर के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का नेतृत्व कर रहे वार्ड 23 के पार्षद राकेश कुमार सिन्हा लगातार पार्षदों से संपर्क कर रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कमी नहीं रह जाए। महापौर को हटाने के लिए संख्या बल उनके पास है। इसको लेकर वे संतुष्ट नजर आ रहे हैं। निर्वाचन अयोग ने जिस बैठक को नियम विरुद्ध करार दिया गया था उसमें महापौर के खिलाफ 31 पार्षदों ने वोट किया था। राकेश कुमार सिन्हा इस प्रयास में लगे हैं कि इस बार यह संख्या और अधिक हो। पर्दे के पीछे दोनों खेमों के राजनीतिक आका व सिपहसालार भी लगातार रणनीति बना रहे हैं ताकि किसी प्रकार एक-दूसरे को मात दी जा सके।

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बैठक में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को मांगा पर्याप्त संख्या में बल

महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 30 अक्टूबर को बैठक में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने डीएम से मदद मांगी है। उन्होंने डीएम को पत्र लिखकर बैठक के दिन नगर निगम आडिटोरियम में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल व मजिस्ट्रेट की तैनाती का अनुरोध किया है।

Edited By: Jagran